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RUHS Suicide: कोरोना रिपोर्ट आते ही उसे जाना था जेल, लेकिन इसके पहले ही कैदी अफसर ने चुनी मौत

कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे अस्पताल से जेल भेज दिया जाता, लेकिन उसके पहले ही सजायाफ्ता अफसर ने फांसी लगा ली (सांकेतिक फोटो)
कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे अस्पताल से जेल भेज दिया जाता, लेकिन उसके पहले ही सजायाफ्ता अफसर ने फांसी लगा ली (सांकेतिक फोटो)

आरयूएचएस अस्पताल में फांसी लगा लेने वाले कैदी पुष्टि आयकर विभाग के अफसर के रूप में हुई है. अफसर ने हॉस्पिटल की छठवीं मंजिल पर बने वार्ड में बेडशीट से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. हॉस्पिटल के सुरक्षा गार्ड ने मरीज को जब फंदे पर लटकता हुआ देखा तो उसने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी. इसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया. विनय को रिश्वत लेने के मामले में हाल ही में पांच साल की सजा हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 7:24 PM IST
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जयपुर. राजस्थान के जयपुर जिस कोरोना पॉजिटिव मरीज के अस्पताल में फांसी लगा लेने की खबर मिल रही थी उसकी पुष्टि आयकर विभाग के अफसर के रूप में हुई है. अफसर ने हॉस्पिटल की छठवीं मंजिल पर बने वार्ड में बेडशीट से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. जेल नियम के मुताबिक कोरोना रिपोर्ट के लिए उसे यहां भर्ती कराया गया था. रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे यहां से जेल भेज दिया जाता, लेकिन उसके पहले ही उसने फांसी लगा ली. हॉस्पिटल के सुरक्षा गार्ड ने मरीज को जब फंदे पर लटकता हुआ देखा तो उसने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी. इसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया.

घटना के बाद परिजन वहां पहुंच गए. सुसाइड करने वाले विनय कुमार मंगला को इनकम टैक्स विभाग में अफसर बताया गया. उसे 4 साल पहले सीबीआई ने एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए झालावाड़ में पकड़ा था. बताया गया है कि इसी मामले में 22 जनवरी को सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई थी. विनय को जेल ले जाने से पहले कोरोना जांच कराने के नियम के तहत आरयूएचएस हॉस्पिटल लाया गया था. उसकी रिपोर्ट सोमवार को आनी थी. रिपोर्ट यदि निगेटिव आती तो उन्हें जेल भेज दिया जाता.





जानकारी के अनुसार विनय कुमार मंगला को हॉस्पिटल में 6वीं मंजिल पर कैदियों के लिए बनाए एक वार्ड में रखा गया था. यहां सुरक्षा के प्रबंध भी किए गए थे. जिस वार्ड में वह थे वहां वह बिल्कुल अकेले थे. उनके कैदी होने के कारण कोई भी कोरोना संदिग्ध मरीज वहां नहीं था. सुरक्षा गार्ड ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे तक राउंड के दौरान विजय कुमार को उनके बेड पर देखा गया था. इसके बाद जब वह दोबारा आया तब वे पंखे के कड़े से फंदे पर लटकते दिखाई दिए. इसकी सूचना फौरन अस्पताल प्रशासन को दी गई. मामला न्यायिक हिरासत में मौत से जुड़ा होने पर एसडीएम और अन्य पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है. मौके पर कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पहुंचाया गया.
कोटा में रहता है परिवार

विनय कुमार मंगला का परिवार पिछले 5-6 साल से कोटा में श्रीनाथपुरम इलाके में मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट में रह रहा है. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं. 22 साल का बटा बेटा मेडिकल की तैयारी कर रहा है, जबकि 17 साल का बेटा स्कूल में है. घटना के बाद घर के लोगों का रो रो कर बुरा हाल है.
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