Rajasthan Politics: सचिन पायलट ने‌ लंबे समय बाद तोड़ी चुप्पी, 'पद-पोस्ट भले ही ना हो लेकिन...'

पायलट ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान जो कदम उठा रहा है, हम उसके साथ है.

Sachin Pilot Vs Ashok Gehlot: सचिन पायलट ने पंजाब और राजस्थान की सियासत को लेकर लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का नाम लिए बिना पायलट ने कहा कि हमने जो मुद्दे उठाए, उसे सब जानते हैं.

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    जयपुर. राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने‌ लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ी है. राजस्थान की सियासी हलचल को लेकर उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हमने विस्तार से चर्चा की थी. कांग्रेस हाईकमान सरकार और संगठन को बेहतर करने के लिए जो कदम उठा रहा है, हम उसके साथ में है. बहुत जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. हमारी राय आना चाहिए कुछ भी हो. मैंने 20 साल में देखा है कि कांग्रेस की लीडरशिप में जो निर्णय हो जाता है, उसे स्वीकार किया जाता है. कांग्रेस में सदियों पुरानी परंपरा है जिसका निराकरण होता है. जब कांग्रेस पार्टी निर्णय लेती है तो सभी कार्यकर्ता सम्मान करते हैं. आने वाले समय में हम 5 राज्यों को लेकर भी रणनीति बनाएंगे कि चुनाव कैसे जीते जा सके.

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का नाम लिए बिना पायलट ने कहा कि हमने जो मुद्दे उठाए, उसे सब जानते हैं.

    पायलट ने कहा, "आने वाले विधानसभा चुनाव में बदलाव होगा. अगली बार हमें और भी ज्यादा आशीर्वाद लोगों को मिले हमने इसीलिए आलाकमान को अपने सुझाव सामने रखे थे. हमें जो कहना था हमने को कह दिया है. एआईसीसी ने संज्ञान लिया. कमेटी बनी. कमेटी ने मीटिंग ली है. समय रहते सभी निर्णय लेंगे. लोगों की जो उम्मीद है कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बारे में, उसे मैंने कहा था और हमेशा कहता रहा हूं.
    जिन लोगों ने पार्टी के लिए जो कुछ न्योछावर किया है. दिन-रात मेहनत की, लाठी खाई, उन लोगों को पद पोस्ट भले ही ना हो लेकिन मान-सम्मान मिलना चाहिए. यह बात हमारे वर्तमान अध्यक्ष भी बोलते हैं और हम भी बोलते हैं, सभी बोलते हैं.



    पायलट ने आगे कहा, "राष्ट्रीय स्तर पर BJP को कोई चुनौती दे सकता है और हरा सकती है तो कांग्रेस. कांग्रेस की देशभर में मौजूदगी है. आने वाले समय में हम सब साथी दल मिलकर रणनीति बनाएंगे."

    उन्होंने आगे कहा, "अपना निर्णय थोप देना हिंदुस्तान के लोकतंत्र में बहुत ज्यादा नहीं चलता है. विपक्ष को दबा देना केंद्र सरकार की खूबी है . जब राजीव गांधी के दौर में 425 सांसद कांग्रेस के थे तब विपक्ष को पूरा सम्मान मिलता था."

    पेगासस मामले पर उन्होंने कहा, "लोग जानना चाहते हैं कि किस संस्था या व्यक्ति के माध्यम से अवैध तरीके से फोन हैकिंग किया गया और सूचनाएं बटोरी गईं. कांग्रेस इसे लेकर देशभर में आंदोलन करेगी. कुछ छुपाने को नहीं है तो सरकार को विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए जांच करानी चाहिए."

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