Rajasthan Crisis: राजभवन में समर्थक विधायकों की परेड के जरिए अपनी ताकत दिखा सकते हैं CM गहलोत
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Rajasthan Crisis: राजभवन में समर्थक विधायकों की परेड के जरिए अपनी ताकत दिखा सकते हैं CM गहलोत
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना का नाम भी अब बदलकर राजीव गांधी जल स्वावलंबन योजना कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

सचिन पायलट (Sachin Pilot ) दावा कर रहे हैं कि सरकार अल्‍पमत में है तो सीएम गहलोत राजभवन में समर्थक विधायकों की परेड के जरिए अपनी ताकत दिखा सकते हैं. यह परेड सोमवार को हो सकती है.

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जयपुर. राजस्थान सरकार पर छाए सियासी संकट के बादल और गहराने लगे हैं. मामले पर अब कांग्रेस और बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के बीच टि्वटर वॉर शुरू हो गया है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने गहलोत सरकार पर छाए संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रति चिंता जताई. इसके जवाब में बीजेपी की तरफ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि सीएम गहलोत भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. इस बीच खबर है कि राजस्थान के कई मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) से मिलने के बाद लौटने लगे हैं. ये सभी लोग डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) और 12 विधायकों के दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करने की खबरों के बीच सीएम से मिलने पहुंचे थे.

विधायकों की परेड की तैयारी में कांग्रेस
यकीनन, राजस्‍थान में सीएम गहलोत और डिप्‍टी सीएम सचिन पायलट की खींचतान के कारण सियासी भूचाल आया हुआ है. एक तरफ पायलट दावा कर रहे हैं कि सरकार अल्‍पमत में है तो गहलोत राजभवन में समर्थक विधायकों की परेड के जरिए अपनी ताकत दिखा सकते हैं. यह परेड सोमवार को हो सकती है. इसके अलावा मीडिया के सामने भी विधायकों की परेड करायी जा सकती है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार रात कहा कि भाजपा को बिना किसी कारण के खुश होने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधायकों की बैठक में शामिल होने के लिये जयपुर पहुंचे सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य में पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. वहीं, कांग्रेस नेता रणजीत सुरजेवाला ने भाजपा पर निशाना साधा है. उन्‍होंने ट्वीट किया, 'कोरोना से पूरा देश त्रस्त है, प्रतिदिन संक्रमण बढ़ कर 29000 हो गया है. चीन ने हमारी सरज़मीं पर कब्ज़ा किया है. जबकि सत्ताधारी पहले मध्य प्रदेश और अब राजस्थान में विधायक खरीदने में व्यस्त हैं. समझना ये है हम सबको कि संकट किसी राज्य पर नहीं,पूरे भारतीय लोकतंत्र पर है.
SOG की चिट्ठी से गर्माई सियासत



इस बीच ताजा खबर है कि पायलट प्रकरण से कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गरमा गई है. एसओजी (SOG) की एफआईआर और पूछताछ की चिट्ठी के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट की नाराजगी बढ़ गई है. हालांकि एसओजी ने सीएम को भी ऐसी चिट्ठी भेजी है. लेकिन अब पायलट हाईकमान से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. आपको बता दें कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट को एसओजी ने पूछताछ के लिए धारा 160 के तहत पूछताछ का नोटिस भेजा है. इसमें एसओजी ने सरकार गिराने के षड्यंत्र के मामले में पूछताछ करने की बात कही है. बताया गया है कि सचिन पायलट के साथ-साथ राजस्थान के कुछ निर्दलीय विधायकों को भी SOG ने ऐसी चिट्ठी भेजी है. निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने चिट्ठी मिलने की पुष्टि की है.

30 विधायकों के साथ होने की संभावना
राजस्थान के सियासी घटनाक्रम को लेकर सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के साथ 30 विधायक होने की संभावना है. यह भी चर्चा है कि बीजेपी के साथ जाने पर पायलट का साथ देंगे 18 विधायक. एक संभावना यह जताई जा रही है कि थर्ड फ्रंट बनाने की तैयारी में हैं कुछ लोग. थर्ड फ्रंट बनने की सूरत में 30 विधायकों का मिल सकता है सचिन पायलट को साथ. अगर थर्ड फ़्रंट बना तो आरएलपी का साथ भी मिल सकता है.

CM गहलोत से मिलने पहुंचे विधायक-मंत्री

ताजा जानकारी के मुताबिक सीएम गहलोत से मिलने के लिए मुख्य सचेतक महेश जोशी, उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, मंत्री टीकाराम जूली मुख्यमंत्री निवास पहुंचे हैं. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी भी सीएम गहलोत से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. वहीं निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर भी मुख्यमंत्री निवास पहुंचते देखे गए. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के कई अन्य विधायकों के भी सीएम हाउस पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. मंत्री सालेह मोहम्मद, विधायक रामलाल जाट, गोविंद डोटासरा, भजनलाल जाटव आदि भी सीएम से मिलने पहुंच चुके हैं.

इससे पहले राजस्थान में सरकार गिराने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त मामले पर SOG द्वारा केस दर्ज करने के बाद प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि सचिन पायलट एसओजी की FIR में सरकार गिराने की साजिश में उन पर निशाना साधे जाने से खफा हैं, इसलिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे हैं. दिल्ली में पायलट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल से मुलाकात की. बताया गया कि मुलाकात के दौरान पायलट ने अहमद पटेल को राजस्थान में अपनी उपेक्षा किए जाने की पीड़ा बताई. हालांकि सचिन पायलट को यह आश्वासन दिया गया कि पार्टी उनके साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी नहीं करेगी. (इनपुट- दीपक व्यास/अनुराग ढांडा)
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