सचिन पायलट ने डूंगरपुर हिंसा पर किया बड़ा खुलासा, बोले- राजस्थान में लागू नहीं करेंगे कृषि बिल

सचिन पायलट ने डूंगरपुर हिंसा को लेकर मीडिया से चर्चा की.
सचिन पायलट ने डूंगरपुर हिंसा को लेकर मीडिया से चर्चा की.

राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) के पूर्व अध्‍यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि बाहरी लोगों ने डूंगरपुर में हिंसा भड़काई.

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जयपुर. राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने डूंगरपुर हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है. पायलट ने कहा है कि प्रदर्शन हिंसक होगा यह किसी ने नहीं सोचा होगा. बाहरी तत्त्वों ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया है. हमारे आदिवासी भाई कभी ऐसे नहीं थे. हम हमारे आदिवासी भाइयों के साथ हैं. हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है. हिंसा किसी मुद्दे का समाधान नहीं है. सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. कानून हाथ में लेने और हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता. सरकार इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है.

सुलह के लिए एआईसीसी की तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर सचिन पायलट ने कहा कि मैंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर बात चल रही है. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संपर्क में हूं, निश्चित तौर पर मुद्दों का समाधान होगा. केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के साथ विश्वासघात किया है. कांग्रेस किसानों के साथ है. राजस्थान में केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिल को लागू नहीं करेंगे.

केन्द्र सरकार पर निशाना
तीन कृषि विधेयकों को लेकर सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के साथ विश्वासघात किया है. तीनों विधेयक किसानों के लिए हानिकारक हैं. मंडियां खत्म हो जाएंगी. किसानों के लिए एमएसपी का जिक्र नहीं है. राज्यसभा में जबरदस्ती पूरी प्रक्रिया का उल्लंघन करके इन विधेयकों को पारित करवाया गया. कृषक और कृषि सम्बंधित सभी लोगों को इन विधेयकों से हानि पहुंच रही है. विपक्ष ने तीनों विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की थी, लेकिन डिवीजन की मांग को स्वीकार तक नहीं किया गया.
इन किसानों का क्या होगा


पायलट ने कहा कि देश में 86 फीसदी किसान 2 एकड़ से कम में खेती करता है. ऐसा छोटा किसान कैसे दिल्ली-मुंबई जाकर अपनी उपज बेचेगा. तीनों कानूनों में एमएसपी का कोई जिक्र नहीं किया गया है. कांग्रेस ने हर राज्य की राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया है. हमारे यहां भी सीएम और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यपाल को ज्ञापन दिया है. केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के साथ विश्वासघात किया है. कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और देश के किसान के साथ हरदम खड़ी रहेगी.
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