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पैरा ओलंपिक विजेता अवनी, देवेंद्र और सुंदर को अब तक नहीं मिला था वेतन, वन विभाग ने पदक मिलने के बाद किया जारी

पैरा ओलंपिक विजेता अवनी, देवेंद्र और सुंदर को अब तक नहीं मिला था वेतन, वन विभाग ने पदक मिलने के बाद किया जारी

वन विभाग का कहना है कि तकनीकी कारणों के चलते सैलेरी जारी नहीं की गई थी.

वन विभाग का कहना है कि तकनीकी कारणों के चलते सैलेरी जारी नहीं की गई थी.

Rajasthan Forest Department News: टोक्यो पैरा ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य सरकार ने कुछ माह पहले नौकरी भले ही दे दी हो, लेकिन पदक जीतने तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया था. अब मामला सामने आने के बाद आनन-फानन में उनकी सैलेरी जारी की गई है.

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जयपुर. टोक्यो पैरा ओलंपिक (Tokyo Paralympics) में स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अवनी लखेरा, रजत पदक विजेता देवेंद्र झाझड़िया और कांस्य विजेता सुंदर सिंह गुर्जर को पांच से 10 महीने पहले वन विभाग (Forest department) में सहायक वन संरक्षक अधिकारी के रूप में सरकारी नौकरी दी गई थी. लेकिन पदक जीतने तक उन्हें वेतन ही नहीं मिला था। पैरा ओलंपिक में पदक जीतने के बाद जब तीनों खिलाड़ी देश दुनिया में छा गये तो आनन फानन में उनके वेतन बिलों का भुगतान किया गया है. हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्सेज डीएन पांडे ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया गया. बुधवार देर रात को पदक विजेताओं सहित सात खिलाड़ियों का बकाया चुका दिया गया है. पैरा ओलंपिक पदक विजेताओं के परिवारों ने विभाग को जानकारी दी कि जब से उन्हें नौकरी दी गई है तब से वन विभाग ने उन्हें सैलेरी का भुगतान नहीं किया है.

मामला सामने आने के बाद हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्सेज डीएन पांडे ने तुरंत आदेश दिए कि खिलाड़ियों के सभी बकाया बिल, वेतन दिए जाएं. इसके बाद वेतन बैकलॉग को साफ करने के लिए हड़कंप मच गया. विभाग में अवनी लखेरा की नियुक्ति 16 अप्रैल 2021 को हुई थी. वहीं देवेन्द्र झाझड़िया और सुंदर गुर्जर क्रमश: 5 नवंबर और 1 दिसंबर, 2020 को वन विभाग में शामिल हुए थे.

आधार से जोड़ने के लिए कर्मचारी का उपस्थित होना जरूरी
वन विभाग के मुताबिक अपूर्ण दस्तावेज के कारण वेतन वितरण में देरी हुई. क्योंकि तीनों टोक्यो खेलों के लिए राज्य के बाहर अभ्यास कर रहे थे. स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या बनाने और इसे आधार से जोड़ने के लिए कर्मचारी को शारीरिक रूप से उपस्थित होना चाहिए. चूंकि वे राजस्थान में नहीं थे, इसलिए ऐसा नहीं किया जा सका.

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नियमों में ढील देकर जारी किया गया खिलाड़ियों का वेतन
इसके अलावा, खिलाड़ी औपचारिक रूप से अरण्य भवन के बजाय राज्य सचिवालय में सेवा में शामिल हुए. हाल ही वन विभाग की कमान संभालने वाले वन विभाग के मुखिया डीएन पांडे ने कहा कि इस मुद्दे को उजागर करने के बाद वेतन वितरण की प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त करने के लिए नियमों में ढील दी गयी है.

Tags: 2020 Summer Tokyo Paralympics, Devendra Jhajharia, Forest department, Gold Medal, Javelin throw Olympics Tokyo Olympics

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