लाइव टीवी

सांभर झील: 10 दिन बाद भी पक्षियों की मौत बनी पहेली, मौत का आंकड़ा 16,500 पार

Arbaaz Ahmed | News18 Rajasthan
Updated: November 18, 2019, 7:44 PM IST
सांभर झील: 10 दिन बाद भी पक्षियों की मौत बनी पहेली, मौत का आंकड़ा 16,500 पार
आईवीआरआई बरेली की एक टीम भी जल्दी ही मौके का मुआयना करेगी.

राजस्थान की सांभर झील (Sambhar Lake) में पक्षियों की मौत (Bird Death) का सरकारी आंकड़ा 16,500 को पार कर चुका है. हजारों पक्षी अपनी जान एक अंजान कारण से गवां चुके हैं. आईवीआरआई बरेली (IVRI Barielli) की एक टीम भी जल्दी ही मौके का मुआयना करेगी.

  • Share this:
जयपुर. सांभर झील (Sambhar Lake) में हजारों पक्षी अपनी जान एक अंजान कारण से गवां चुके हैं. मामले में सीएम के दखल के बाद तमाम विभाग जी जान से हालात काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन परिंदों की परींदों की मौत का सिलसिला अभी थमा नहीं है. अब तक सांभर झील में पक्षियों की मौत (Bird Death) का सरकारी आंकड़ा 16,500 को पार कर चुका है. चिंता की बात ये है कि पक्षी त्रासदी के सामने आने के दस दिन बाद भी बुनियादी सवाल वहीं का वहीं है कि पक्षियों की मौत किस कारण (The Reason For This Tragedy) से हुई? वन विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो मारे गए पक्षियों की 16 हजार 500 को पार चुकी है, जिंदा रेस्क्यू किए गए पक्षियों की तादाद 450 के पार है. जयपुर जिले के अलावा नागौर जिले से सटे झील क्षेत्र में भी पक्षियों के मौत के मामले सामने आए हैं, जहां पर पक्षियों को बचाने का काम जारी है. मामले में कई विभागों की टीम मौके पर काम कर रही है, आईवीआरआई बरेली (IVRI Barielli) की एक टीम भी जल्दी ही मौके का मुआयना करेगी.

अब जांच के सैंपल कोयंबटूर भेजे जाएंगे
सांभर झील में से हर रोज बीमार और मृत पक्षियों को निकलवाया रहा है और इनमें देशी एवं विदेशी पक्षियों की कई प्रजातियों के पक्षी शामिल हैं. भारी तादाद में सांभर झील में मौत होने की जानकारी मिलने के बाद सलीम अली सेंटर फॉर आर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History) के डॉ. मुरलीधरन सांभर झील में पक्षियों के मरने वाले स्थान रतन तालाब एवं झपोक डैम पर पहुंचे है. उन्होंंने भी यहां पक्षियों की मौत के कारणों को जानने की कोशिश की है. उन्होंने बताया कि जांच के लिए यह भी सैंपल कोयंबटूर लेकर जाएंगे. इस जांच के बाद इस पक्षी त्रासदी के पीछे कारणों का पता चलने की उम्मीद जताई जा रही है.



जयपुर के बाद नागौर इलाके में भी पसरा सन्नाटा
राजधानी जयपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर सांभर झील नागौर और अजमेर जिलों से सटी हुई है. शुरुआत जांच में पक्षियों की मौत जयपुर से लगे इलाकों में बताई गई. लेकिन धीरे-धीरे 15 स्क्वायर किलोमीटर एरिया का रेस्क्यू ऑपरेशन नागौर जिले वाले इलाके तक पहुंचा तो स्थिति और विकराल नजर आई. रेस्क्यू ऑपरेशन की सीमा और जांच के दायरे के साथ-साथ पक्षियों की मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता गया.

ये भी पढ़ें- 
Loading...

सांभर झील में 10 हजार से अधिक पक्षियों की Avian Botulism से मौत!
पक्षियों की कब्रगाह बनी सांभर झील, जांच के लिए कोयंबटूर भेजे जाएंगे सैम्पल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अजमेर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 18, 2019, 7:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...