समलेटी बम कांड- जेल से रिहा हुए बरी किए गए छह लोग, साजिश का था आरोप

करीब 23 साल पहले राजस्थान के दौसा के समलेटी में रोडवेज बस में हुए बम विस्फोट मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल हमीद को फांसी और पप्पू को आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए शेष छह आरोपियों को बरी कर दिया.

News18 Rajasthan
Updated: July 24, 2019, 10:52 AM IST
समलेटी बम कांड- जेल से रिहा हुए बरी किए गए छह लोग, साजिश का था आरोप
फाइल फोटो
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Updated: July 24, 2019, 10:52 AM IST
करीब 23 साल पहले राजस्थान के दौसा के समलेटी में रोडवेज बस में हुए बम विस्फोट मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल हमीद को फांसी और पप्पू को आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए शेष छह आरोपियों को बरी कर दिया. बरी किए गए आरोपियों में जावेद खान, अब्दुल गनी, लतीफ अहमद, मिर्जा निसार हुसैन, मोहम्मद अली भट्ट और रईस बेग शामिल हैं. आरोपियों खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं होने के कारण उनको बरी किया गया है.

एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे
अरोपों से बरी होने के बाद मंगलवार को ये लोग जयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए. द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार रोडवेज बम ब्लास्ट मामले में साजिश के आरोप में सलाखों के पीछे रहे इन लोगों का कहना था कि वे बरी तो कर दिए गए, लेकिन उनके 23 साल कौन लौटाएगा. वे एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे, लेकिन अपराध शाखा ने उन्हें मामले में आरोपी बना दिया. उन्हें दिल्ली और अहमदाबाद की जेलों में रखा गया था. पैरोल या जमानत पर भी रिहा नहीं किया गया था. बेग आगरा का रहने वाला है, जबकि गनी जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले का बाशिंदा है. अन्य लोग श्रीनगर के रहने वाले हैं.

बम विस्फोट में 14 लोग मारे गए थे

22 मई, 1996 को दौसा जिले के समलेटी में एक रोडवेज बस में विस्फोट हुआ था. इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी. 2014 में बांदीकुई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया था.
First published: July 24, 2019, 10:52 AM IST
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