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फिल्म इंडस्ट्री और स्कैंडल्स का है बहुत पुराना रिश्‍ता है- शोभा डे
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Mahendra Singh | News18 Rajasthan
Updated: January 24, 2020, 10:37 PM IST
फिल्म इंडस्ट्री और स्कैंडल्स का है बहुत पुराना रिश्‍ता है- शोभा डे
एक्ट्रेस ने लीक से हटकर कुछ किया तो बहुत कुछ झेलना पड़ा है- शोभा डे

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के दूसरे दिन शोभा डे (Shobhaa De) भी काफी चर्चा में रहीं. उन्‍होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) और स्कैंडल्स का साथ बहुत पुराना रिश्‍ता है.

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जयपुर. फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) और स्कैंडल्स का साथ बहुत पुराना रिश्‍ता है. स्कैंडल्स फिल्मों में लगातार उठते रहते हैं और नए-नए मामले सामने आते रहते हैं. अगर कोई भी लीक से हट कर कुछ करना चाहता है तो उसके लिए नई-नई उपमाएं भी दी जाती हैं. कुछ ऐसा ही कहना है शोभा डे (Shobhaa De) का. उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में जितनी एक्‍ट्रेस आई हैं. अगर उन्होंने लीक से हटकर कुछ किया है तो उन्हें कुछ ना कुछ झेलना ही पड़ा है. शोभा डे ने कंगना रनौत का उदाहरण दिया, जिन्हें हर बार कुछ अलग करने और बोलने की आदत है. इस वजह से उन्‍हें काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी है.

सिनेमा से हमारा समाज जुड़ा
शोभा डे ने आगे कहा कि कंगना हमेशा लीक से हट कर आगे बढ़ी और आगे नया करती चली गई. ऐसा ही कुछ अन्य एक्‍ट्रेस के साथ भी है, लेकिन कहीं ना कहीं वह अपने आप को इस से बचाकर निकल गई. यकीनन सिनेमा से हमारा समाज जुड़ा है और उसमें आई अच्छाई- बुराई कहीं ना कहीं गहरा प्रभाव समाज पर डालती है. शोभा डे ने आगे कहा कि मैं सिनेमा से हमेशा कुछ ना कुछ सीखती हूं. हालांकि उन्‍होंने ये भी कहा कि आज दर्शक सिनेमा देखने आ रहा है तो वो जो आप दिखा रहे हैं उसके लिए पे कर रहा है और उसी पर सवाल भी उठाता है.

वर्ड इमेज साउंड पर हुई चर्चा



जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) दूसरे दिन आज मुगल टैंट में निर्माता, निर्देशक, गीतकार और रिलायंस एंटरटेनमेंट के पूर्व अध्यक्ष अमित खन्ना की बुक वर्ड इमेज साउंड पर चर्चा के दौरान शोभा ने भारतीय सिनेमा को लेकर अपने विचार व्यक्त किए. खन्ना भारतीय मनोरंजन उद्योग के विकास का हिस्सा रहे हैं और कई दशकों तक उत्साह, उथल-पुथल और विकास के साक्षी रहे हैं. उनकी पुस्तक वर्ड इमेज साउंड भारत में मीडिया और मनोरंजन का इतिहास, सिंधु घाटी सभ्यता के समय से लेकर वर्तमान तक इस विषय का उनका अपनी तरह का पहला अन्वेषण है. इस सत्र में खन्ना और लेखिका शोभा डे से कावेरी बज्मी ने चर्चा की.

शोभा डे ने कहा कि हमारी जिंदगी में भारतीय सिनेमा एक माइलस्टोन की तरह है. कितना ही खराब हो अपने पीछे कुछ ना कुछ नया छोड़कर जाता है. चाहे वो कबीर सिंह ही क्यों ना हो, उस फिल्म ने भी काफी चर्चा हासिल की. सत्तर के दशक में जीनत अमान और परवीन बॉबी ने पश्चिम को देश की फिल्मों में पेश किया. जबकि हेमा मालिनी से कोई सवाल नहीं करता था, क्योंकि उन्होंने अपनी एक अलग इमेज बनाई. करीब 45 साल पहले शर्मिला टैगोर की बिकनी पहने हुए तस्वीर फिल्मफेयर में छपी तो हंगामा हो गया था. आज दिशा पाटनी की तस्वीर पर कोई हंगामा नहीं है. आपके दर्शक उस चीज के लिए पे करते हैं जो कि आप स्क्रीन पर पेश कर रहे हैं.

 

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First published: January 24, 2020, 10:37 PM IST
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