अंतिम संस्कार से 4 दिन पहले देनी होगी एसडीएम को सूचना, पढ़ें- BJP विधायक के इस ट्वीट की हकीकत

सांकेतिक फोटो.

सांकेतिक फोटो.

Corona Epidemic Fact Check: कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहों का सिलसिला भी जारी है. असामाजिक तत्व तरह-तरह से लोगों को भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.

  • Share this:
जयपुर. कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहों का सिलसिला भी जारी है. असामाजिक तत्व तरह-तरह से लोगों को भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. कोरोना को रोकने के लिए सख्ती के बीच सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है. इस फेक स्क्रीनशॉट में राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा गया है कि अंतिम संस्कार के लिए भी एसडीएम को चार दिन पहले सूचना देनी अनिवार्य है.

खास बात ये है कि एक भाजपा विधायक ने भी बिना इसकी सत्यता परखे इसे ट्वीट कर दिया. जैतारण से भाजपा विधायक अविनाश गहलोत ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल से यह स्क्रीनशॉट ट्वीट कर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया. लेकिन थोड़ी ही देर में उनका यह दांव उल्टा पड़ गया.

मुख्यमंत्री के ओएसडी कम्युनिकेशन लोकेश शर्मा ने इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए आधिकारिक गाइडलाइन साझा की. साथ ही विधायक को हिदायत भी दी कि जनप्रतिनिधि होकर इस तरह महामारी  में जनता को भ्रमित ना करें.

ऐसे हुए वार-पलटवार
सुबह 9 बजकर दो मिनट पर भाजपा विधायक अविनाश गहलोत ने यह एडिटेड स्क्रीनशॉट वायरल किया. साथ ही राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'राजस्थान की सत्ता में बैठे ज्योतिषियों की भारी मांग. राजस्थान सरकार का नोटिस पढ़िये, अंतिम संस्कार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं और इसकी सूचना चार दिन पहले एसडीएम को देनी होगी.' इसके डेढ़ घंटे बाद ही सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने भाजपा विधायक को हकीकत से रूबरू करवाया.

लोकेश शर्मा ने आधिकारिक गाइडलाइन अटैच कर कहा कि अंतिम संस्कार के सम्बन्ध में प्रदेश सरकार की गाइडलाइन यह है. आप जनप्रतिनिधि हैं, आपसे आग्रह है कि इस महामारी के समय में गलत प्रचार कर जनता को भ्रमित न करें. सीएम के ओएसडी द्वारा जो आधिकारिक गाइडलाइन ट्वीट की गई है उसमें चार दिन पहले एसडीएम को सूचना देने का कोई बिन्दू नहीं है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज