विधानसभा का दूसरा सत्र: नई परंपराओं की शुरुआत और पक्ष-विपक्ष की अध्यक्ष की साथ टकराहट

15वीं विधानसभा का दूसरा सत्र सोमवार को खट्टी-मीठी यादों के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. इस सत्र में कई नई परंपराएं स्थापित की गई, वहीं आधुनिक युग के साथ चलने का भी प्रयास किया गया.

Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 6, 2019, 5:25 PM IST
विधानसभा का दूसरा सत्र: नई परंपराओं की शुरुआत और पक्ष-विपक्ष की अध्यक्ष की साथ टकराहट
राजस्थान विधानसभा। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 6, 2019, 5:25 PM IST
15वीं विधानसभा का दूसरा सत्र सोमवार को खट्टी-मीठी यादों के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. इस सत्र में कई नई परंपराएं स्थापित की गई, वहीं आधुनिक युग के साथ चलने का भी प्रयास किया गया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का सख्त रवैया विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष को भी काफी परेशानी में डालने वाला रहा. सत्र के दौरान ही विधायकों की सदन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन हुआ. वहीं सीपीए यानि राष्ट्रमंडलीय संसदीय संघ की राजस्थान शाखा की बैठक पहली बार आयोजित की गई.

सर्वदलीय बैठक बुलाकर पहले ही संकेत दे दिए थे
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर पहले ही संकेत दे दिए थे कि इस बार जो सत्र रहेगा उसमें नियम और कानूनों की पालना सख्ती के साथ लागू की जाएगी. बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत विपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ और दूसरे दलों के नेता शामिल हुए. नतीजा सदन शुरू होने पर पहले प्रश्नकाल में ही सामने आ गया. केवल दो पूरक प्रश्न मूल प्रश्नकर्ता द्वारा पूछे जाने की अनुमति का बीजेपी विधायकों ने खासा विरोध किया. वे पांच दिन तक अलग अलग तरीके से विरोध करते रहें. आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने कुछ नरमी दिखाई तो उसका हल निकला.

Assembly Speaker Dr. CP Joshi -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी।फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


इस बार ये नवाचार हुए
- सत्र से पहले पहली बार सर्वदलीय बैठक बुलाई गई.
- विधानसभा की कार्यवाही का यूट्यूब के जरिए सीधा प्रसारण हुआ.
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- सत्र के दौरान आगंतुकों पर शिकंजा कसा गया.
- पत्रकारों के प्रवेश पत्रों पर भी अध्यक्ष का डंडा चला.
- मीडिया ने कई दिन तक प्रेस गैलेरी का बहिष्कार किया.
- अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी जब थोड़े नरम पड़े तब जाकर प्रेस गैलरी आबाद हुई.
- दर्शक दीर्घा, मंत्रियों और विधायकों के समर्थकों के प्रवेश पत्रों में भारी कटौती की गई.
- सदन में प्रतिदिन औसतन 10 से 14 प्रश्नों पर चर्चा हुई.
- शून्यकाल में मंत्रियों का सदन रहना अनिवार्य किया गया.
- कई प्रश्नों और मुददों पर खुद स्पीकर ने सरकार के निर्देश दिए.

सत्ता पक्ष और अध्यक्ष के बीच भी हुई तकरार
सदन के अंदर कई मर्तबा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल भी आमने सामने होते दिखे. वहीं आमतौर पर विपक्ष के हंगामे के कारण तो कार्यवाही स्थगित होते देखी गई, लेकिन सत्ता पक्ष और अध्यक्ष के बीच की तकरार के बाद भी सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

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First published: August 6, 2019, 5:22 PM IST
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