VIDEO: देखें किसानों के नाम पर किस तरह हो रही है सरकारी धन की लूट

राजस्थान में किसानों को ट्रेनिंग देने के नाम पर किस तरह से सरकारी धन की लूट हो रही है, इसकी बानगी इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर इनोवेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर में देखी जा सकती है.

News18 Rajasthan
Updated: July 24, 2019, 1:59 PM IST
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Updated: July 24, 2019, 1:59 PM IST
प्रदेश में किसानों के नाम पर फर्ज़ीवाड़ा कर किस तरह सरकारी सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है इसकी एक और बानगी देखने को मिली है. इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर इनोवेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर की ओर से किसानों को सिर्फ कागजों में फर्जी ट्रेनिंग कराकर पैसा उठा लिया गया जबकि वैसे किसानों का कहीं कोई वजूद ही नहीं है.

किसानों के नाम पर इसी संस्थान में किया गया फर्जीवाड़ा


इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर इनोवेशन एंड ट्रेनिंग सेन्टर यानी (आईएचआईटीसी) द्वारा ऐसे किसानों को ट्रेनिंग करा दी गई जो हैं हीं नहीं. केवल कागजी खानापूर्ति कर किसानों के नाम से पैसा उठा लिया गया. पिछले साल जुलाई माह में डूंगरपुर जिले में 217 किसानों की ट्रेनिंग इन कागजों में दिखाई गई है. इन किसानों के हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और मोबाइल नम्बर भी इन दस्तावेजों में दर्शाए गए हैं लेकिन हकीकत में से कई किसानों का कोई वजूद ही नहीं है. दस्तावेजों में फर्जी एंट्री कर किसानों के नाम से पैसा उठाया गया है. जब न्यूज 18 की टीम ने इन कागजों में दर्शाए गए मोबाइल नम्बर्स पर कॉल किया तो अधिकांश नम्बर अमान्य पाए गए. वहीं जिन मोबाइल नम्बर्स पर बात हो पाई उनमें से सभी ने कहा कि वो डूंगरपुर जिले के निवासी ही नहीं हैं.

कागजों में किसानों के नाम पर लगवाए गए अंगूठे के फर्जी निशान


ट्रेनिंग 100 किसानों की कागजों में दिखाए गए 217 किसान

किस तरह किसानों के नाम पर कारगुजारी कर सरकारी खजाने को चपत लगाई गई है इसे सुना जा सकता है. फर्जीवाड़े के इस खेल की और ज्यादा पुष्टि करने के लिए न्यूज 18 के हाथ एक नोटशीट भी लगी. इस नोटशीट में विभाग के ही अधिकारी ने साफ लिखा है कि बिल 217 किसानों के पेश किए गए हैं जबकि हकीकत में ट्रेनिंग तो 100 किसानों की ही हुई है. इतना ही नहीं नोटशीट में यह भी लिखा गया है कि संस्था के दूसरे कार्मिक आपत्तियों को दरकिनार कर फर्जी बिलों के समायोजन का प्रयास कर रहे हैं. न्यूज 18 के पास वे बिल भी हैं जिनमें 217 किसानों की ट्रेनिंग दर्शाई गई है.

ट्रेनिंग से किसानों को लाभ मिलने की जगह अधिकारियों की जेब हो रही गर्म 
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एक किसान की ट्रेनिंग पर करीब 2 हजार की राशि विभिन्न मदों में उठाई जाती है. इस तरह फर्जी प्रशिक्षणों के जरिए लाखों रुपये अधिकारियों-कर्मचारियों की जेब में जा रहे हैं. पुख्ता प्रमाणों के बावजूद अधिकारी फर्जीवाड़े की बात को नकार रहे हैं और मामले की जांच करवाने की बात कह रहे हैं. संस्था में काम कर चुके कर्मचारी इस तरह के कई बड़े खेल संस्था में होने का आरोप लगा रहे हैं. किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें इस तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं और इसके लिए मोटा फंड भी मिल रहा है लेकिन इसका लाभ किसानों को मिलने की जगह अधिकारियों-कर्मचारियों की जेबें गर्म हो रही हैं.

(रिपोर्ट - दिनेश शर्मा)

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First published: July 24, 2019, 1:59 PM IST
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