होम /न्यूज /राजस्थान /

'पद्मावत' काे राजस्थान के इतिहासकारों की हरी झंडी, फिल्म को बताया बेहतरीन

'पद्मावत' काे राजस्थान के इतिहासकारों की हरी झंडी, फिल्म को बताया बेहतरीन

फिल्म पद्मावत के रिलीज के पांच दिन बाद राजस्थान के दो प्रमुख इतिहासकारों ने हरी झंडी दे दी है.

फिल्म पद्मावत के रिलीज के पांच दिन बाद राजस्थान के दो प्रमुख इतिहासकारों ने हरी झंडी दे दी है.

फिल्म पद्मावत के रिलीज के पांच दिन बाद राजस्थान के दो प्रमुख इतिहासकारों ने हरी झंडी दे दी है.

    इतिहास के साथ छेड़छाड़ को लेकर राजस्थान में 'बैन' फिल्म 'पद्मावत' को अब इतिहासकारों की हरी झंडी मिल गई है. राजस्थान के दो प्रमुख इतिहासविदों ने सोमवार को बेंगलुरु में फिल्म देखनें के बाद इसे क्लीन चिट दे दी. साथ ही इसे राजपूतों की आन, बान और शान में बनने वाली बेहतरीन फिल्म करार दिया है. इतिहासकाविद आरएस खंगारोत और बीएल गुप्ता दोनों राजस्थान बेस्ड है. इन्हें सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने भी फिल्म की प्रमाणिकता जांचने के लिए गठित एक छह मेंबर की कमेटी में शामिल किया था.

    इतिहासकार खंगारोत श्री राजपूत सभा द्वारा सचालित एसएमएस इंस्टीट्यूट के निदेशक हैं. वहीं प्रो. गुप्ता राजस्थान यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रमुख हैं. खंगारोत और गुप्ता के अनुसार राजपूती शौर्य और पद्मावत का फिल्म में बेहतरीन तरीके से फिल्मांकन किया गया है. गोरा को बिना सिर लड़ते देख रोंगटे खड़े हो गए. परम्पराओं को समझने के लिए हर क्षत्रिय को यह फिल्म देखनी चाहिए.

    खंगारोत ने फिल्म देखने से पहले कहा था, 'मेरे लिए यह फिल्म भंसाली और राजपूत समुदाय या फिर भंसाली और करणी सेना के बीच का मामला नहीं है. मैं इस फिल्म के इतिहास के नजरिए से देखूंगा.' वहीं प्रोफेसर गुप्ता ने कहा था कि फिल्म देखने के बाद ही वो अपनी कोई राय देंगे.

    'पद्मावत' के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की यह फिल्म मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत पर आधारित है. 150 करोड़ के बजट में बनी भंसाली की यह फिल्म राजपूत करणी सेना के विरोध के चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राजस्थान में प्रदर्शित नहीं की जा सकी.

    Tags: Jaipur news, Padmaavat, Sanjay leela bhansali

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर