GehlotVsPilot: गहलोत खेमे को झटका, BTP ने दोनों विधायकों को फ्लोर टेस्ट से दूर रहने को कहा
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GehlotVsPilot: गहलोत खेमे को झटका, BTP ने दोनों विधायकों को फ्लोर टेस्ट से दूर रहने को कहा
बीटीपी के अध्यक्ष महेशभाई वसावा ने साफ कहा कि अगर पार्टी व्हिप की अनदेखी विधायक करेंगे तो उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी (फाइल फोटो)

GehlotVsPilot: भारतीय ट्राइबल पार्टी (Bhartiya Tribal Party) ने व्हिप (Whip) जारी कर अपने दोनों विधायकों को ना तो अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और ना ही सचिन पायलट (Sachin Pilot) के पक्ष में वोट देने का निर्देश दिया है.

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जयपुर. राजस्थान में सियासी संकट जारी है. और घटनाक्रम पल-पल में बदल रहा है. नम्बर गेम में उलझे गहलोत खेमे (Gehlot Government) को अब भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने भी झटका दे दिया है. पार्टी ने व्हिप जारी कर अपने दोनों विधायकों को निर्देश दिया है कि फ्लोर टेस्ट (Floor Test) की स्थिति में वे हिस्सा नहीं लेंगे. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेशभाई सी. वसावा ने साफ कहा है कि पार्टी के विधायक ना तो कांग्रेस और ना ही भाजपा के लिए वोट करेंगे. साथ ही ना तो अशोक गहलोत और ना ही सचिन पायलट को वोट देने के निर्देश दिये गये हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों विधायकों को ये भी चेतावनी दी है कि अगर पार्टी के व्हिप की अनदेखी की गई, तो उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

अबतक गहलोत खेमे के समर्थन में थे 

भारतीय ट्राइबल पार्टी के दोनों विधायक सागवाड़ा से रामप्रसाद डिंडोर और चौरासी से राजकुमार रोत अब तक गहलोत खेमे के साथ थे. सोमवार को सीएमआर में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी ये दोनों विधायक शामिल हुए थे. उसके बाद सीएमआर से गहलोत खेमे के विधायकों के साथ होटल भी गए. राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग खुद इन दोनों विधायकों को अपनी गाड़ी में लेकर सीएमआर पहुंचे थे. इतना ही नहीं राज्यसभा चुनाव में भी पार्टी के दोनों विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था. लेकिन अब पार्टी की ओर से व्हिप जारी होने के बाद गहलोत खेमे को इनके समर्थन पर संकट खड़ा हो गया है. अगर दोनों विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हैं तो इन पर दलबदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. और अगर ये गहलोत खेमे का साथ छोड़ते हैं तो नम्बर गेम में उलझी राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका होगा.



इन विधायकों का गहलोत खेमे को साथ 
अन्य दलों की अगर बात की जाए तो आरएलडी के एक मात्र विधायक डॉ. सुभाष गर्ग शुरू से ही अशोक गहलोत खेम के साथ हैं. डॉ. सुभाष गर्ग को अशोक गहलोत का विश्वसनीय भी माना जाता है. वहीं माकपा विधायक बलवान पूनिया भी गहलोत सरकार को अपना समर्थन देने सीएमआर पहुंचे. हालांकि माकपा के दूसरे विधायक गिरधारीलाल महिया सीएमआर नहीं पहुंचे. गौरतलब है कि बलवान पूनिया ने राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था. इसको लेकर पार्टी ने कार्रवाई करते हुए एक साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया.

सीएमआर पहुंचे बलवान पूनिया ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार पर संकट खड़ा कर रही है. जिसके चलते वो सरकार को अपना समर्थन देने आए हैं. उन्होंने सचिन पायलट पर भी तीखे कटाक्ष किए. हालांकि बलवान पूनिया विधायकों की बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हैं.
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