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BREAKING: पहलू खान हत्याकांड की जांच के लिए नितिनदीप बल्लगन की अध्यक्षता में SIT गठित

पहलू खान केस के वकील का कहना है कि इस मामले में 5 नए वीडियो सामने आए हैं. (फाइल फोटो)
पहलू खान केस के वकील का कहना है कि इस मामले में 5 नए वीडियो सामने आए हैं. (फाइल फोटो)

पहलू खान (Pahlu Khan) हत्याकांड मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को मंजूरी दे दी है.

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पहलू खान (Pahlu Khan) हत्याकांड मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को मंजूरी दे दी है. नितिनदीप बल्लगन की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन कर दिया गया है. एसपी रणधीर सिंह, रघुवीर सैनी और सुनील कुमार शामिल हैं.

एसआईटी मामले की जांच में की गई खामियों की हर एंगल से करेगी. साथ ही एसआईटी जांच में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी तय करेगी. बता दें कि अलवर कोर्ट (Alwar Court) ने बुधवार को छह आरोपियों को बरी किया था.

प्रियंका गांधी ने कोर्ट के फैसले को बताया था चौंकाने वाला
पहलू खान पर कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने शुक्रवार को ट्वीट किया था. प्रियंका ने ट्वीट करके कहा, 'पहलू खान मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौंका देने वाला है. हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या एक जघन्य अपराध है.'
अशोक गहलोत सरकार की तारीफ करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा भीड़ द्वारा की गई हत्या के खिलाफ कानून बनाने की पहल सराहनीय है. आशा है कि पहलू खान मामले में न्याय दिलाकर इसका अच्छा उदाहरण पेश किया जाएगा.



मायावती ने भी किया राज्य सरकार पर हमला
पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में 6 आरोपियों के बरी होने के बाद बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी राजस्थान सरकार पर हमला बोला है. मायावती ने ट्वीट कर इसे राजस्थान की कांग्रेस सरकार की लापरवाही और निष्क्रियता करार दिया है. मायावती ने ट्वीट कर कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपी निचली अदालत से बरी हो गए. यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मामले में वहां की सरकार सतर्क रहती तो क्या यह संभव था. शायद कभी नहीं.

क्या था पूरा मामला
1 अप्रैल, 2017 को बहरोड़ थाना क्षेत्र में पहलू खान और उसके बेटे गायों को लेकर जा रहे थे, तभी भीड़ द्वारा उन्हें रोककर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी. इलाज के दौरान चार अप्रैल को पहलू खान की मौत हो गई थी. इस मामले की पुलिस द्वारा चार्जशीट पेश होने के बाद लगातार सुनवाई हुई. पहलू खान के बेटों सहित 47 गवाहों के बयान कोर्ट में कराए गए.

सबूतों के अभाव में सभी आरोपी बरी
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरिता स्वामी इस केस पर फैसला सुनाते हुए सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था. बता दें कि इस फैसले में तीन नाबालिग आरोपियों को शामिल नहीं किया गया है.
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