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राजस्थान में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है स्किन डोनेशन, 6 महीने में महज एक डोनर आया सामने

चिकित्सकों के मुताबिक एक व्यक्ति स्किन डोनेट करता है तो उससे चार से पांच लोगों की जान बचाई जा सकती है.

चिकित्सकों के मुताबिक एक व्यक्ति स्किन डोनेट करता है तो उससे चार से पांच लोगों की जान बचाई जा सकती है.

Skin Donation: ऑर्गन डोनेशन के मामले में लगातार चर्चा में रहने वाले राजस्थान में स्किन डोनर नहीं मिल रहे हैं. इसके चलते ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

जयपुर में स्थापित है स्किन बैंक
उत्तर भारत में एकमात्र स्किन बैंक राजस्थान में है
डोनेटेड स्किन को 3 से 5 साल तक प्रिजर्व रखा जा सकता है

जयपुर. ऑर्गन डोनेशन (Organ donation) के मामलों में राजस्थान देशभर में अव्वल है, लेकिन जागरुकता की कमी के चलते प्रदेश में स्किन डोनेशन (Skin donation) के मामले अब तक रफ्तार नहीं पकड़ पाए हैं. वो भी तब जब राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में पूरे उत्तर भारत का पहला स्किन बैंक बनाया गया है. 6 महीने पहले इसी साल जून में प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में उत्तर भारत का पहला स्किन बैंक स्थापित किया गया था. लेकिन तब से लेकर अब तक महज एक ही स्किन डोनेशन हो पाया है. वो भी एक दिन पहले सोमवार को जब एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने स्किन डोनेट करने की सहमति दी.

चिकित्सकों के अनुसार जागरुकता की कमी के चलते लोग स्किन डोनेशन को लेकर अवेयर नहीं हैं. लेकिन स्किन की जरुरत हर रोज रहती है. स्किन बैंक के नोडल अधिकारी डॉ.राकेश जैन ने बताया कि बर्न वार्ड में लगभग हमेशा ऐसे मरीज रहते हैं जिन्हें स्किन की जरुरत होती है. उन्होंने बताया कि डोनेटेड स्किन एक तरह से बर्न मरीजों के लिए ड्रेसिंग का काम करती है.

मरीज के बचने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है
डॉ. जैन के मुताबिक बर्न केस में आमतौर पर प्रोटिन का लॉस काफी ज्यादा होता है और उसके साथ ही दूसरे साइड इफेक्ट की वजह से मरीजों की मौत का खतरा बना रहता है. लेकिन जब बर्न केसेज के मरीजों को डोनेटेड स्किन लगाई जाती है तो वह दो से तीन सप्ताह तक लगी रहती है. उससे कॉम्पलीकेशन कम हो जाते हैं और मरीज के बचने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है.

डोनेट स्किन को 3 से 5 साल तक प्रिजर्व रखा जा सकता है
बर्न मरीजों के लिए ही एसएमएस अस्पताल में स्किन बैंक स्थापित किया गया है. यहां अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं. इस स्किन बैंक की खासियत यह है कि यहां डोनेट की गई स्किन को 3 से पांच साल तक प्रिजर्व रखा जा सकता है. स्किन बैंक के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश जैन ने बताया कि एक व्यक्ति स्किन डोनेट करता है तो उससे चार से पांच लोगों की जान बचाई जा सकती है.

राजस्थान में बढ़ा है ऑर्गन डोनेशन
राजस्थान में किडनी, लिवर और हार्ट समेत अन्य अंगों का डोनेशन अब ज्यादा संख्या में होने लगा है. इसके पीछे जागरुकता सबसे बड़ा कारण है. यही कारण है कि इन ऑर्गन डोनेशन के कारण कई लोगों की जान बचाई जा रही है. अगर स्किन डोनेशन को लेकर भी जागरुकता आती है तो बर्न केस के मरीजों को काफी राहत मिलेगी.

Tags: Jaipur news, Latest Medical news, Organ Donation, Rajasthan news

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