Positive india: इस छोटे से दिलदार कर्मचारी ने CM को दिया सहयोग का 'बड़ा' ऑफर, जानिये क्या है पूरा मामला

स्कूल में बतौर कनिष्ठ सहायक कार्यरत बजरंग सिंह शेखावत ने तीन वर्ष की सैलेरी मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोष में देने की सरकार को पेशकश की है.

स्कूल में बतौर कनिष्ठ सहायक कार्यरत बजरंग सिंह शेखावत ने तीन वर्ष की सैलेरी मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोष में देने की सरकार को पेशकश की है.

Small employee gave such a big offer of help to CM: स्कूल में बतौर कनिष्ठ सहायक कार्यरत बजरंग सिंह शेखावत ने अपनी तीन साल की सैलेरी राज्य सरकार की ओर से फ्री में कराये जा रहे कोरोना वैक्सीनेशन (Corona vaccination) के लिये देने का प्रस्ताव सीएम को भेजा है.

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जयपुर. कोरोना महामारी (Corona epidemic) के इस संकट काल में एक तरफ दवाओं और मेडिकल उपकरणों से लेकर राशन तक की कालाबाजारी की खबरें सामने आ रही है. वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस संकट में देश और समाज (Country and society) के भले की खातिर अपना तन मन धन से सहयोग (Help) कर रहे है. कई संस्थाएं और लोग पीड़ितों और उनके परिजनों तक मदद पहुंचाने के लिए पुरजोर कोशिशें कर रहे हैं.

कुछ आर्थिक मदद के लिए भी पहल कर रहे हैं. उनमें से एक हैं राजस्थान सरकार के कर्मचारी बजरंग सिंह शेखावत. वे कोरोना के इस मुश्किल दौर में आम लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए आगे आए हैं. उन्होंने राजस्थान सरकार की ओर से कराये जा रहे 'फ्री वैक्सीनेशन' कार्यक्रम के लिये अपनी तीन वर्ष की सैलेरी मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोष में देने की सरकार को पेशकश की है. इसके लिये शेखावत ने सीएम गहलोत को पत्र लिखा है. फिलहाल सरकार की ओर से इसका कोई जवाब नहीं आया है.

स्कूल में कनिष्ठ सहायक के पर तैनात है शेखावत

बजरंग सिंह शेखावत नागौर जिले की कुचामन सिटी तहसील के राणासर गांव में स्थित माध्यमिक स्कूल में बतौर कनिष्ठ सहायक कार्यरत हैं. उन्होंने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर अपना प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव में शेखावत ने कहा है कि वे अगले 3 साल तक का वेतन फ्री वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिये देना चाहते हैं. इसके लिए जून 2021 से मई 2024 तक का वेतन सरकार के कोष में स्थानांतरित किया जाये. शेखावत ने सीएम को लिखे पत्र में अपनी आईडी और तमाम जानकारियां भेजी है.

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36 महीनों की उनकी सैलरी 8 लाख 7600 रुपए होगी

अक्टूबर 2018 में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त हुए बजरंग सिंह का फिलहाल प्रोबेशन पीरियड चल रहा है. वह आगामी 6 महीने तक चलेगा. उन्हें वर्तमान में 14600 प्रतिमाह वेतन मिल रहा है. छह माह बाद उन्हें 24000 प्रतिमाह वेतन मिलने लगेगा. इस हिसाब से कुल मिलाकर 36 महीनों की उनकी सैलरी 8 लाख 7600 रुपए होगी. इसे वे सहर्ष प्रदेश के लोगों की जान बचाने के लिए देना चाहते हैं.



मूलतया सीकर जिले के रहने वाले हैं शेखावत

मूलतया सीकर जिले के रहने वाले बजरंग ने अपने पत्र में कहा है कि वे कुचामन उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट, सीनियर आईएएस रविशंकर श्रीवास्तव, अमरीश कुमार, आलोक वशिष्ठ, मंजू राजपाल, दिनेश एमएन, पारीख देशमुख, व्याख्याता विनोद कुमार मीणा, सुशील कुमार शर्मा, रणजीत सिंह, दयाल जुलानिया, धर्मेंद्र गोदारा, कमल निष्ठा और राजेश कुमावत के साथ माता पिता, पत्नी और परिवार की प्रेरणा से प्रभावित होकर इस सेवा कार्य के लिए आगे आए हैं.

अभी तक सरकार की तरफ से नहीं मिला कोई जवाब

शेखावत का कहना है कि कोविड-19 महामारी की चपेट में आकर आए दिन लोगों की जान जा रही है. राज्य सरकार फ्री वैक्सीनेशन के लिए प्रयास कर रही है. लेकिन इस कार्य के लिए वह अपनी ओर से 3 साल का वेतन देने की घोषणा कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि इससे प्रदेश के बाकी कर्मचारी और अन्य लोग भी आगे आयेंगे. फिलहाल उन्हें राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ हैं. लेकिन उनका कहना है कि जो उन्होंने ठानी है वे उसे हर हाल में पूरा करेंगे.

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