Rajasthan Crisis: सचिन पायलट ने कहा, 'पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है, मुद्दे उठाना जरूरी था'
Jaipur News in Hindi

Rajasthan Crisis:  सचिन पायलट ने कहा, 'पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है, मुद्दे उठाना जरूरी था'
सचिन पायलट ने सियासी संकट पर पार्टी के नेताओं के साथ खुलकर अपनी बात रखी है.

सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि पार्टी पद देती है तो पार्टी पद ले भी सकती है. मुझे पद की बहुत लालसा नहीं है लेकिन मैं चाहता था कि जो मान-सम्मान-स्वाभिमान की बात हम करते थे वो बनी रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 11:56 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. राजस्थान के सियासी संकट खत्म होने की उम्मीदों के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल ने सोमवार रात प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) के साथ बैठक की. कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद पायलट ने कहा कि सरकार और संगठन के कई ऐसे मुद्दे थे जिनको हम रेखांकित करना चाहते थे. चाहे देशद्रोह का मामला हो, एसओजी जांच का विषय हो या फिर कामकाज को लेकर आपत्तियां हों, उन सभी के बारे में हमने आलाकमान को बताया. साथ ही कहा कि पूरे प्रकरण के दौरान बहुत सारी बातें की गईं और यहां तक कि मेरे बारे में भी बहुत बातें हुईं. व्यक्तिगत तौर पर कुछ ऐसी बातें हुईं जिनका मुझे भी बुरा लगा, लेकिन संयम बनाए रखना चाहिए. राजनीति में व्यक्तिगत दुर्भावना की कोई जगह नहीं है.

सचिन पायलट ने कहा कि मुझे खुशी है कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विस्तार से चर्चा की. साथी विधायकों की बातों को हमने सामने रखा. मुझे आश्वासित किया गया है कि तीन सदस्यीय की कमेटी जल्द इन तमाम मुद्दों का समाधान करेगी. ये सैद्धांतिक मुद्दे थे.

पार्टी पद देती है तो...
इसके अलावा सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी पद देती है तो पार्टी पद ले भी सकती है. मुझे पद की बहुत लालसा नहीं है लेकिन मैं चाहता था कि जो मान-सम्मान-स्वाभिमान की बात हम करते थे वो बनी रहे. हमने हमेशा कोशिश की है कि जिनकी मेहनत से सरकार निर्माण हुआ है उन लोगों की हिस्सेदारी, भागेदारी सुनिश्चित की जाए.





गहलोत को लेकर कही ये बात
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मुझे लगता था कि डेढ़ साल की सरकार में काम करने के बाद मेरा अनुभव रहा है, वो मैं कांग्रेस आलाकमान के समक्ष लेकर जाऊं. मुझे लगता है कि उनका निवारण होगा. जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किए गए हमलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमने कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल और आचरण नहीं किया जो हमारे योग्य नहीं है. सचिन पायलट ने आगे कहा कि हमारी जवाबदेही बनती है कि हम कैसे वादों को पूरा करें. पार्टी ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना जरूरी है. मुझे लगता है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा. वहीं,
पार्टी के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल ने पायलट के साथ बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस एक दूसरे का परस्पर सम्मान करते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ेगी.

15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर सचिन ने खुलकर रखी बात
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ पार्टी के वॉर रूम कहे जाने वाले ‘15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड’ पर हुई बैठक हुई, जिसमें उन्‍होंने विस्तार से अपने मुद्दे रखे. जबकि इससे पहले पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी. इसके बाद पार्टी ने मामले के ‘उचित समाधान’ के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का फैसला किया.

आपको बता दें कि पायलट की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात विधानसभा सत्र आरंभ होने से कुछ दिनों पहले हुई है. 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र आरंभ होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खुलकर बगावत करने और विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री के पदों से हटा दिया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज