अपना शहर चुनें

States

Rajasthan: अब सीपी जोशी के बयान ने मचाई हलचल, कहा- निर्वाचित लोग ही पार्टियां चलाएं

जोशी ने यह सुझाव देकर कम से कम कांग्रेस के भीतर चल रही बड़े नेताओं की मुहिम का अनजाने में ही सही समर्थन जरूर कर दिया है.
जोशी ने यह सुझाव देकर कम से कम कांग्रेस के भीतर चल रही बड़े नेताओं की मुहिम का अनजाने में ही सही समर्थन जरूर कर दिया है.

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (Dr. CP Joshi) ने गुजरात के कवेड़िया में आयोजित पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में निर्वाचित अध्यक्ष और पदाधिकारियों द्वारा ही पार्टियां चलाये जाने का सुझाव देकर कांग्रेस (Congress) की अंदरुनी राजनीति में हलचल मचा दी है .

  • Share this:
जयपुर. अपने बेबाक बयानों के लिये चर्चित रहने वाले राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (Dr. CP Joshi) ने पार्टी अध्यक्ष से लेकर पदाधिकरियों के चुनाव करवाने की वकालत की है. गुजरात (Gujarat) के केवड़िया में हुए पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में जोशी के बेबाक सुझावों और बयानों की सियासी (Politics) हलकों में जबर्दस्त चर्चायें हैं. जोशी ने पार्टियों के भीतर चुनाव करवाने के साथ साथ कोर्ट के बढ़ते दखल और राज्यपालों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए.

डॉ. जोशी ने पार्टियों में अध्यक्ष और पदाधिकारियों के चुनाव का सुझाव दिया है. जोशी ने कहा कि निर्वाचित लोग पार्टियां चलाएं. चुनाव आयोग की यह जिम्मेदारी है कि वह देखे कि पार्टियों में लोकतांत्रिक तरीकों और प्रक्रियाओं की पालना हो रही है या नहीं. जो पार्टियां चुनाव नहीं करवाती चुनाव आयोग उनकी मान्यता खत्म करे. सीपी जोशी के इस बयान को कांग्रेस की अंदरुनी सियासत से जोड़कर भी देखा जा रहा है. कांग्रेस के कई नेताओं ने हाल ही कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष के चुनाव की मांग उठाई थी. हालांकि सीपी जोशी ने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने निर्वाचित लोगों द्वारा पार्टी चलाने का सुझाव देकर कम से कम कांग्रेस के भीतर चल रही बड़े नेताओं की मुहिम का अनजाने में ही सही समर्थन जरूर कर दिया है.

BJP नेताओं के राजस्थान सरकार गिरने के बयानों का सीएम गहलोत ने दिया कड़ा जबाव, कही ये बड़ी बातें

10वीं अनुसूची को ही खत्म कर दिया जाना चाहिये


सीपी जोशी ने दल बदल कानून के कई प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए 10वीं अनुसूची को ही खत्म करने का सुझाव दिया है. जोशी ने कहा कि दल बदल कानून की 10वीं अनुसूची को ही खत्म कर देना चाहिए और सीधा यह प्रावधान हो कि जो विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन करे और पार्टी के खिलाफ जाए तो उसे अयोग्य घोषित करने का प्रावधान होना चाहिए. तभी कोर्ट का हस्तक्षेप रुकेगा. जोशी ने कहा कि जबसे दल बदल कानून बना है तब से अध्यक्ष की गरिमा कम हुई है. तभी से ही कोर्ट का हस्तक्षेप बढ़ गया है. दल बदल कानून के प्रावधनों का नया ही तोड़ निकाल लिया गया है। अब विधायक से सीधे इस्तीफे दिलवा दो और उन्हें कह दो कि आपके मंत्री बना देंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज