Home /News /rajasthan /

जयपुर: सांसों के लिए संघर्ष, अस्पतालों ने परिजनों से कहा- ऑक्सीजन खत्म होने पर रखें विकल्प

जयपुर: सांसों के लिए संघर्ष, अस्पतालों ने परिजनों से कहा- ऑक्सीजन खत्म होने पर रखें विकल्प

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑक्सीजन को लेकर गुरुवार को  अफरातफरी का माहौल रहा.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑक्सीजन को लेकर गुरुवार को अफरातफरी का माहौल रहा.

जयपुर में ऑक्सीजन की कमी ने कोरोना मरीजों की चिंता बढ़ा दी है, आज प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई जरूरत से कम रही. लिहाजा अस्पतालों में सांसों के लिए संघर्ष चलता रहा. वहीं, ऑक्सीजन के कारखानों तक सिलेंडर लेने के लिए लोग मिन्नते करते नजर आये.

अधिक पढ़ें ...
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑक्सीजन की कमी ने कोरोना मरीजों की चिंता बढ़ा दी है, आज यानि गुरुवार को प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई जरूरत से काफी कम रही. लिहाजा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरातफरी मची रही. वहीं, ऑक्सीजन के कारखानों में सिलेंडर लेने के लिए लोग मिन्नते करते नजर आये. जयपुर के एक ऑक्सीजन प्लांट का नजारा, जहां पर अपने मरीज  को बचाने के लिए परिजन सिलेंडर देने की जिद कर रहे हैं, ऑक्सीजन प्लांट का प्रबंधन असहाय है, कि वो ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं है.

ऐसे नजारे इन दिनों जयपुर के आसपास के तमाम ऑक्सीजन पैदा करने वाले संयत्रों के आसपास दिखाई दे रही हैं. कोरोना की महामारी ने ऑक्सीजन का ऐसा संकट खड़ा कर दिया है कि मरीजों की जान संकट में हैं. इस संकट में आज फिर से इजाफा हुआ, प्रदेश में एक्टिव रोगी 1.63 लाख तक पहुंच चुके हैं. जबकि ऑक्सीजन की खपत रोजाना 320 टन तक चली गई है। हालात ये  है कि कल राजस्थान ने अपने तय कोटे से  21 टन ज्यादा ऑक्सीजन ली, मगर वो भी कम पड़ गई. प्रदेश का केंद्र सरकार ने 140 टन का कोटा तय किया है, लेकिन बुधवार को विभिन्न प्लांटों से 161 टन ऑक्सीजन ली गई.

आज प्रदेश भर के अस्पतालों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें हैं. डिमांड बढ़ रही है, मगर आज आपूर्ति कल के मुकाबले 20 टन कम होने की संभावना है, जामनगर प्लांट की क्षमता बढाने के लिए मेंटेनेंस का काम शुरू किया गया, जिसके कारण प्लांट के करीब आठ घंटे बंद रहने की सूचना भी आ रही है. जो चिंता का कारण बन सकती है. क्योंकि जामनगर प्लांट आज भी 4-8 घंटे के लिए बंद रखा गया है. प्लांट की क्षमता बढ़ाई जानी है. जयपुर में एक प्लांट के प्रभारी अधिकारी RAS युगांतर शर्मा ने बताया कि डिमांड बहुत ज्यादा है, और हम एक साथ सप्लाई के बजाय टुकड़ों में ऑक्सीजन सप्लाई दे रहे हैं.

मौजूदा हालात में प्रदेश को रोजाना 310 टन ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन 300 टन ही मिल पा रही है. जिस रफ्तार से कोरोना के एक्टिव रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए अगले दो-तीन दिनों में 365 टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है. जबकि लिक्विड ऑक्सीजन लाने-ले जाने के लिए केवल 23 ही टैंकर हैं और जरूरत 50 टैंकरों की है. मई के पहले सप्ताह में मरीजों के लिए कम से कम 600 टन से भी ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है. जानकारों के मुताबिक 30 अप्रैल तक प्रदेश में सवा दो लाख के करीब एक्टिव मरीज हो सकते हैं. इसलिए अभी से ही ऑक्सीजन की उपलब्धता और बढाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने होंगे.

Tags: COVID 19, Jaipur news, Rajasthan Crisis

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर