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ऐसा नजारा जंगल में कम ही देखने को मिलता है! 50 के पैंथर राणा ने 200 किलो की नीलगाय को मार गिराया

झालाना लेपर्ड सफारी में गुरुवार को रोमांचित कर देने वाला नजारा देखने को मिला. यहां के युवा दबंग पैंथर राणा ने एक वयस्क और भारी भरकम नीलगाय को मार गिराया.

झालाना लेपर्ड सफारी में गुरुवार को रोमांचित कर देने वाला नजारा देखने को मिला. यहां के युवा दबंग पैंथर राणा ने एक वयस्क और भारी भरकम नीलगाय को मार गिराया.

Panther Rana-Nilgai Fight: अमूमन नीलगाय पैंथर से आकार और वजन में कई गुना बड़ी होती है. ऐसे में पैंथर ज्यादातर वयस्क नील ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

झालाना लेपर्ड सफारी में नज़र आया अद्भुत नजारा
वयस्क नीलगाय को पैंथर राणा ने मार गिराया
नीलगाय पर हमले के बाद 15 मिनट चला संघर्ष

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर की विश्व प्रसिद्ध झालाना लेपर्ड सफारी में गुरुवार को रोमांचित कर देने वाला नजारा देखने को मिला. यहां के युवा दबंग पैंथर राणा ने एक वयस्क और भारी भरकम नीलगाय को मार गिराया. अमूमन नीलगाय पैंथर से आकार और वजन में कई गुना बड़ी होती है. ऐसे में पैंथर ज्यादातर वयस्क नीलगाय से बचकर ही रहते हैं. लेकिन, झालाना लेपर्ड सफारी में महज 50 किलो वजनी युवा पैंथर राणा ने पहले घात लगाकर 200 किलो वजनी वयस्क नीलगाय पर हमला किया और उसके बाद करीब 15 मिनट लंबे चल संघर्ष में नीलगाय को मार गिराया.

इस दौरान जंगल सफारी में मौजूद सभी लोग एक दम हक्के बक्के रह गए कि अपने से इतनी ज्यासदा बड़ी नीलगाय पर पैंथर ने हमला तो कर दिया है. लेकिन, वो क्या उसे मार पाएगा. इस दौरान जंगल में मौजूद वनपाल जोगेंदर सिंह ने बताया कि झालाना के रूट नंबर तीन के पास हम फील्ड बायोलॉजिस्ट मोहम्मद मैराज के साथ वाटर बॉडीज़ का जाएजा़ ले रहे थे. उसी दौरान जंगल से ही लंगूर और मोरों की कॉल आने लगी, लेकिन पैंथर ऐसे छिप कर बैठा था कि किसी को नज़र नहीं आया. वहीं मौजूद नीलगाय अन्य जानवरों की कॉल्स को समझ पाती उससे पहले ही पलक झपकते ही झाडिायों में पैंथर राणा बिजली की गति से बाहर आया और नीलगाय की गर्दन पर झपट्टा मारकर अपने जबड़े से पकड़ बना ली.

पैंथर और नीलगाय के बीच काफी देर चला संघर्ष 

ये संघर्ष काफी लंबा चला नीलगाय ने खुद को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी , लेकिन वो खुद को पैंथर की पकड़ से छुड़ा नहीं पाई. इस दौरान नीलगाय अपने अगले और पिछले पैरा से पैंथर को कुचलने की और घायल करने की कोशिश करती रही, लेकिन यहां पैंथर राणा ने अपनी शिकारी प्रवृति की कुशलता का परिचय देते हुए नीलगाय के प्रहार को अपने पिछले पंजों से विफल कर दिया.

इस दौरान पैंथर राण ने अपने अगले पंजों से नीलगाय की गर्दन पर पकड़ बनाई तो अपने जबड़े से नीलगाय की गर्दन को दबोचे रखा. आमतौर पर जंगल में पैंथर नीलगाय के बच्चों को निशाना बनाते हैं, लेकिन भारी भरकम नीलगाय पर हमला करने से पैंथर बचते हैं.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news, Wild life

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