तीन तलाक: 'SC के फैसले से भारतीय महिलाओं को मिली जीत, सीता और सलमा हुईं बराबर'

डेमो पिक.

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ट्रिपल तलाक पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आधी आबादी को पूरा हक हासिल हुआ है और इस फैसले से सीता और सलमा बराबर हो गई हैं. यह कहना है राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा का.

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ट्रिपल तलाक पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आधी आबादी को पूरा हक हासिल हुआ है और इस फैसले से सीता और सलमा बराबर हो गई हैं. यह कहना है राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा का.

सुमन शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक के चलते महिलाओं ने लम्बे अरसे तक दर्द झेला है और अब कोर्ट ने महिलाओं के इस दर्द को समझ कर फैसला दिया है.

उन्होंने कहा कि मुझे आज इस फैसले से काफी खुशी हो रही है क्योंकि आयोग में जब पीड़ित मुस्लिम महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर आती थीं तो हम उस पर कुछ नहीं कर पाते थे. इस संबंध में प्रधानमंत्री और कानून मंत्री को भी पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी. अब मुझे लगता है कि इस फैसले से तमाम पीड़ित महिलाओं की जीत हुई है.



suman sharma
फोटो-(ईटीवी)

शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस जीत को केवल मुस्लिम महिलाओं के दर्द से नहीं देखना चाहिए. यह जीत हम सब भारतीय महिलाओं की हुई है.

गौरतलब है कितीन तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने बड़ा फैसला देते हुए इस पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि छह महीने के भीतर इस संबंध में कानून बनाए. जस्टिस खेहर ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों को राजनीति से अलग होकर कदम उठाना होगा.

सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक की वैधानिकता पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. एस. खेहर, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर वाली पांच सदस्यीय पीठ ने ये फैसला सुनाया.

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