राजस्थान में बारिश की तेज रफ्तार, नए खतरों का संकेत है यह पैटर्न

राजस्थान में गत पांच दिनों से हो रही मानसून की बारिश ने प्रदेश की फिज़ां बदलकर रख दी है. नदी-नाले उफान पर हैं. लेकिन मानसून की यह परफोर्मेंस चिंता पैदा करने वाली भी है. ये रफ्तार नए खतरों की तरफ इशारा कर रही है.

Sourabha Grahasthi | News18 Rajasthan
Updated: July 30, 2019, 3:02 PM IST
राजस्थान में बारिश की तेज रफ्तार, नए खतरों का संकेत है यह पैटर्न
राजस्थान में तेज बारिश का दौर। फाइल फोटो
Sourabha Grahasthi | News18 Rajasthan
Updated: July 30, 2019, 3:02 PM IST
राजस्थान में गत पांच दिनों से हो रही मानसून की बारिश ने प्रदेश की फिज़ां बदलकर रख दी है. नदी-नाले उफान पर हैं तो बांधों में भी पानी की अच्छी खासी आवक शुरू हो चुकी है. आलम यह है कि कई जगह तो मानसून की मेहरबानी आफत में बदल चुकी है. पांच दिनों पहले प्रदेश में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश थी जो अब सामान्य से करीब 16 फीसदी ज्यादा हो चुकी है. इन पांच दिनों में ही मानसून ने ऐसी ताबड़तोड़ बेटिंग की है जिससे हालात पूरी तरह से बदल गए हैं. लेकिन मानसून की यह परफोर्मेंस चिंता पैदा करने वाली भी है. ये रफ्तार नए खतरों की तरफ इशारा कर रही है.

सात जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है
सिंचाई विभाग के आंकडों के अनुसार अब तक दो जिलों में असामान्य, 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा और 12 जिलों में सामान्य बारिश हो चुकी है. प्रदेश में इतनी बारिश के बावजूद 7 जिले अब भी ऐसे हैं जहां सामान्य से कम बारिश हुई है. झुंझुनूं जिले में सामान्य से 102 फीसदी और सीकर जिले में 95 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है. मानसून के ये रफ्तार हैरत में डालने वाली है. लेकिन मानसून की ये नई परिभाषा की ओर भी इशारा कर रही है.

The high speed of the rain in the state,राजस्थान में तेज बारिश का दौर
कोटा बैराज में उफान मारता पानी। फाइल फोटो


बारिश के दिनों में कमी आई है
प्रदेश में जून के आखिरी सप्ताह से लेकर सितंबर तक बारिश का मौसम रहता है. मौसम विभाग जयपुर के निदेशक शिव गणेश के मुताबिक पर्यावरण में बदलाव के चलते मानसून की चाल में भी बदलाव हुआ है. अब बारिश के दिनों में कमी आई है. जो बारिश पहले अपेक्षाकृत पूरे मौसम में हुआ करती थी वह अब कुछ ही दिनों में दो-चार स्पैल के जरिए हो रही है. यह बड़ा बदलाव है.

मानसून की चाल में बदलाव चिंता पैदा करने वाला है
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इस बदलाव का तुंरत असर तो ये हुआ है कि ताबड़तोड बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए. वहीं पानी भी व्यर्थ बह गया. वर्षाजनित कारणों के चलते प्रदेश में 25 लोगों की मौत हो गई. लॉग टर्म असर देखें तो इसकी आशंका ज्यादा है कि मानसून किसी एक क्षेत्र पर ही मेहरबान ज्यादा हो और दूसरे क्षेत्र बारिश का इंतजार ही करते रहे.

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First published: July 30, 2019, 2:57 PM IST
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