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ऑनलाइन सिस्टम ने किया कमाल: 8 लाख नए किसान ऋण योजना से जुड़े, अपात्र हुए बाहर

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: February 4, 2020, 5:40 PM IST
ऑनलाइन सिस्टम ने किया कमाल: 8 लाख नए किसान ऋण योजना से जुड़े, अपात्र हुए बाहर
इस नई प्रक्रिया के बाद 8 लाख ऐसे नए किसानों ने अपना पंजीकरण करवाया है, जिन्हें अभी तक एक बार भी फसली ऋण योजना का लाभ नहीं मिल पाया था.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की मंशा पर शुरू की गई सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन वितरण प्रक्रिया (Online delivery process) अब अपना रंग दिखा रही है. पहले ही साल में 8 लाख से ज्यादा नए किसानों को इसका फायदा (Profit) मिला है.

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की मंशा पर शुरू की गई सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन वितरण प्रक्रिया (Online delivery process) अब अपना रंग दिखा रही है. इस योजना को लागू करने वाला राजस्थान (Rajasthan) देश में पहला राज्य बना था. पहले ही साल में 8 लाख से ज्यादा नए किसानों को इसका फायदा (Profit) मिला है. वास्तविक और पात्र किसानों को फसली ऋण का लाभ मिले इस मंशा से एक साल पहले प्रदेश में ऑनलाइन फसली ऋण प्रणाली शुरू की गई थी. इसका मकसद पात्र किसानों की पहचान (Identification of eligible farmers) के साथ ही ज्यादा से ज्यादा नए किसानों को फसली ऋण योजना का लाभ दिया जाना था.

7 लाख किसानों को 1800 करोड़ राशि का ऋण दिया
सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन और बॉयोमीट्रिक आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू होने से जो अपात्र किसान योजना का लाभ ले रहे थे वो बाहर हो गए हैं. वहीं 8 लाख ऐसे नए किसानों ने अपना पंजीकरण करवाया है, जिन्हें अभी तक एक बार भी फसली ऋण योजना का लाभ नहीं मिल पाया था. नए रजिस्टर हुए 8 लाख किसानों में से 7 लाख किसानों को 1800 करोड़ राशि का ऋण भी वितरित किया जा चुका है.

मुख्यमंत्री के थे निर्देश

सहकारिता रजिस्ट्रार के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश थे कि सहकारी फसली ऋण वितरण में भेदभाव को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था को अपनाया जाए ताकि पात्र किसानों को इसका लाभ मिले और उन्हें साहूकारों के चंगुल से भी मुक्ति मिले. इस नई फसली ऋण वितरण योजना में 8 लाख नए किसानों के साथ ही 13 लाख पुराने किसान भी शामिल हैं, जिन्हें 8,244 करोड़ का फसली ऋण वितरित किया गया है.

गलत तरीके से ऋण लेने वाले किसान हुए बाहर
इस बार रबी सीजन में पिछले खरीफ सीजन के मुकाबले किसानों को 25 प्रतिशत ज्यादा राशि का ऋण वितरित किया गया है. पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से अब तक गलत तरीके से ऋण ले रहे लाखों किसान फसली ऋण प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं. जरुरतमंद लाखों नए और पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल पाया. राजस्थान में लागू की गई यह व्यवस्था दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल है. 

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First published: February 4, 2020, 5:38 PM IST
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