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जयपुर नगर निगम में बंद हुआ राष्ट्रगान, बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

जयपुर नगर निगम में अब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बंद हो गए.
जयपुर नगर निगम में अब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बंद हो गए.

बीजेपी ने कांग्रेस पर देशद्रोही होने का आरोप जड़ दिया है तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी उसे देशभक्ति न सिखाए. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी जब पैदा भी नहीं हुई थी तब से देशप्रेम उनकी रगों में दौड़ रहा है.

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देश में सरकारी दफ्तरों में सबसे पहले राष्ट्रगान की शुरुआत करने वाली जयपुर नगर निगम में अब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बंद हो गए. इसकी शुरुआत एक साल पहले तब हुई थी जब निगम और राज्य में सत्ता बीजेपी की थी. अब जबकि निगम और प्रदेश दोनों में कांग्रेस की सत्ता है यह बंद हो गया है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि निगम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत एक निजी कंपनी के भरोसे चल रहा था. कंपनी ने इस देशप्रेम का भुगतान न करने का आरोप लगाकर हाथ पीछे खींचे तो राष्ट्रभक्ति भी रुक गई.

बीजेपी और कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं. बीजेपी ने कांग्रेस पर देशद्रोही होने का आरोप जड़ दिया है तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी उसे देशभक्ति न सिखाए. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी जब पैदा भी नहीं हुई थी तब से देशप्रेम उनकी रगों में दौड़ रहा है.

'कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में हार की बौखलाहट में ये कदम उठाया'



जयपुर नगर निगम में एक साल पहले कर्मचारियों के दफ्तर में प्रवेश के वक्त राष्ट्रगीत और छुट्टी होने के बाद शाम को जाते वक्त राष्ट्रगान अनिवार्य था. लेकिन अभी जयपुर नगर निगम में न तो राष्ट्रगीत बज रहा और न राष्ट्रगान की धुन सुनाई दे रही है. यह दोनों अब बंद हैं. बीजेपी ने आरोप लगाया कि ये निगम और सूबे की सत्ता पर काबिज कांग्रेस सरकार का राष्ट्रद्रोह है. पार्टी ने कहा, कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में हार से बौखलाहट में ये कदम उठाया. निगम के पूर्व महापौर और बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने चेतावनी दी कि अगर फिर शुरू नहीं किया तो निकाय चुनाव राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रद्रोह के मुद्दे पर लड़ेगी बीजेपी.



उधर, जयपुर निगम के मेयर ने सफाई दी कि ये तकनीकी दिकक्त की वजह से बंद हुआ, जल्दी फिर शुरू करेंगे. लेकिन लाटा ने राष्ट्रद्रोही कहने पर बीजेपी पर पलटवार किया और कहा कि बीजेपी हमें राष्ट्रप्रेम का पाठ न पढ़ाए, राष्ट्रभक्ति उनकी रगों में तब से दौड़ रही है जब बीजेपी का जन्म नहीं हुआ था.

सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस ने जानबूझकर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान रोका या फिर बंद होने की वजह कुछ और है. हकीकत जान कर और हैरानी होगी कि निगम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का ठेका एक निजी कंपनी के पास था. कंपनी ने साउंड सिस्टम बंद किया था राष्ट्रप्रेम का ये गीत और गान बंद हो गए. कंपनी का दावा है कि निगम ने पिछले एक साल से इस सेवा के बदले बकाया करीब एक लाख का भुगतान नहीं किया.

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