राज्य में खेल और खिलाड़ियों की स्थिति हुई बद से बदतर: राजस्थान हाई कोर्ट

राज्य में खेलों की बदहाल स्थिति को लेकर आज राजस्थान हाई कोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की. जस्टिस जेके रांका ने मामले में लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.

News18Hindi
Updated: July 6, 2017, 7:43 PM IST
राज्य में खेल और खिलाड़ियों की स्थिति हुई बद से बदतर: राजस्थान हाई कोर्ट
राजस्थान हाई कोर्ट
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Updated: July 6, 2017, 7:43 PM IST
राज्य में खेलों की बदहाल स्थिति को लेकर आज राजस्थान हाई कोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की. जस्टिस जेके रांका ने मामले में लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.

उन्होंने कहा यही वजह कि हरियाणा जैसे छोटे राज्य में सभी खेलों को मिलाकर 700 कोच हैं वहीं राजस्थान में मात्र 70 कोच हैं. हाई कोर्ट ने मामले में निर्देश दिए कि सरकार जस्टिस एनके जैन कमेटी की सिफारिशों को जल्द लागू करे जिससे क्रिकेट की तरह ही अन्य खेलों का भी उद्धार हो सके. वहीं कोर्ट ने इंडियन ओलम्पिक एसोसिएशन और जेडीसी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. मामले में सुनवाई के दौरान मौजूद रहने वाले अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि कोर्ट की मंशा है कि प्रदेश में खेलों का स्तर सुधरे जिससे युवाओं में खेल के प्रति रूचि पैदा हो.

उन्होंने बताया कि आज खेल विभाग द्वारा पेश रिपोर्ट के अनुसार पिछले बजट में प्रदेश में सभी खेलों पर मात्र 83 करोड़ रुपए खर्च हुए जिसमें स्टाफ की सैलरी भी शामिल है. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव खेल जेसी महांति और ओलम्पियन गोपाल सैनी भी मौजूद थे.

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First published: July 6, 2017, 7:43 PM IST
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