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गहलोत सरकार ने SC/ST आरक्षण से जुड़ा 1990 का आदेश निरस्त किया, अब लागू की नई व्यवस्था

News18Hindi
Updated: December 10, 2019, 9:16 AM IST
गहलोत सरकार ने SC/ST आरक्षण से जुड़ा 1990 का आदेश निरस्त किया, अब लागू की नई व्यवस्था
पदोन्नति में आरक्षण लागू करने वाले 20 अक्टूबर 1990 के परिपत्र को निरस्त कर दिया है.

अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) ने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने वाले 20 अक्टूबर 1990 के परिपत्र को निरस्त कर दिया है. अब पदोन्नति में आरक्षण (reservation in promotions) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को कार्मिक विभाग के 11 सितंबर 2011 के अनुसार आरक्षण देय होगा.

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  • Last Updated: December 10, 2019, 9:16 AM IST
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जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) ने सोमवार को पदोन्नति में आरक्षण (reservation in promotions) को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार के नए फैसले के बाद अब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसी संवर्ग में और किसी भी संख्या में पदोन्नति के पद होने पर कार्मिक विभाग के 11 सितंबर 2011 के अनुसार आरक्षण देय होगा. इसके लिए सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने वाले 29 अक्टूबर 1990 के परिपत्र को निरस्त कर दिया है. 29 साल पुराने इस परिपत्र के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण उन पदों या प्रवर्गों में लागू नहीं था जिनमें सीधी भर्ती का अंश 75 फीसदी से अधिक था.

कार्मिक प्रमुख शासन सचिव मोली सिंह की ओर से सोमवार को इस मामले में परिपत्र जारी किया गया है. सरकार के सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागीय आयुक्त, विभागों के अध्यक्ष और सभी जिला कलेक्टरों को यह परिपत्र जारी किया गया है. सिंह की ओर से जारी परिपत्र में पदोन्नति के जरिए भरे जाने वाले पदों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण के प्रावधान का विस्तार से उल्लेख किया गया है. इसमें लिखा है कि राज्य के अधीन आने वाली समस्त सेवाओं याथ राज्य, अधीनस्थ, लिपिकवर्गीय तथा चतुर्थ श्रेणी सेवाओं के कनिष्ठ तथा वरिष्ठ पदों में पदोन्नति से नियुक्ति के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का प्रावधान है.

अभी ऐसे नहीं मिल रहा था आरक्षण
पदोन्नति के जरिए भरे जाने वाले पदों में आरक्षण दिए जाने के संबंध में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण उन पदों तथा पदों के उन प्रवर्गों पर लागू नहीं होगा जिनमें सीधी भर्ती का अंश 75 प्रतिशत से अधिक है. कार्मिक विभाग की ओर से यह निर्देश परिपत्र दिनांक 29 अक्टूबर 1990 के द्धारा समस्त नियुक्ति प्राधिकारियों को प्रदान किए गए.

कार्मिक विभाग ने निरस्त किए 29 साल पुराने निर्देश
सरकार ने अब कार्मिक विभाग के परिपत्र (29 अक्टूबर 1990) को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया है. अब अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए किसी भी संवर्ग में किसी भी संख्या में पदोन्नति पद होने पर उनमें आरक्षण, कार्मिक विभाग की अधिसूचना दिनांक 11 सितंबर 2011 के प्रावधानुसार दिया जाएगा.

सरकार ने आरक्षण की नई व्यवस्था कीसंविधान का 85वां संशोधन लागू होने के बाद पदोन्नति में आरक्षण एक संवैधानिक अधिकार बना और राज्य में भी अधिसूचना (11-09-2011) के जरिए सभी सेवा नियमों में संशोधन करते हुए पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान किया गया. ऐसी स्थिति में किसी भी संवर्ग में किसी भी संख्या में पदोन्नति पद होने पर उनमें आरक्षण दिया जाना तय है.

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First published: December 10, 2019, 8:43 AM IST
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