लाइव टीवी

राजस्थान के अखबारों की सुर्खियां में छाया कोटा में बच्चों की मौत का मुद्दा, पढ़ें- समाचार पत्रों में क्या छपा
Kota News in Hindi

News18 Rajasthan
Updated: January 2, 2020, 4:42 PM IST
राजस्थान के अखबारों की सुर्खियां में छाया कोटा में बच्चों की मौत का मुद्दा, पढ़ें- समाचार पत्रों में क्या छपा
अस्पताल में बीते साल भी 963 बच्चों ने दम तोड़ा था.

राजस्थान के कोटा (Kota) संभाग मुख्यालय पर स्थित जेके लॉन अस्पताल (JK Lawn Hospital) में मासूम बच्चों की जान जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. महज दिसंबर माह में 100 बच्चों की मौत (Death) के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर (National level) पर गरमा गया है.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर और कोटा (Kota) में प्रकाशित प्रमुख हिंदी और अंग्रेजी अखबारों की सुर्खियों में पिछले एक सप्ताह से जेके लॉन अस्पताल (JK Lawn Hospital) में बच्चों की मौत का मामला सुर्खियाें में बना हुआ है. महज दिसंबर माह में 100 बच्चों की मौत (Death) के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर (National level) पर गरमा गया है. मामला गरमाने के बाद नेताओं के अस्पताल के दौरे हो रहे हैं. ट्वीटर वार (Twitter war) छिड़ा हुआ है. बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर लगातार राज्य सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है. वहीं सरकार हालात काबू में होने का दावा कर रही है. मीडिया में यह हॉट इश्यू बना हुआ है.

दैनिक भास्कर: दो दिनों में यहां 9 बच्चों की सांसें थमी
कोटा के जेके लॉन अस्पताल में बच्चों की लगातार हो रही मौतों को लेकर स्थानीय दैनिक भास्कर ने अपने गुरुवार के अंक में बताया है कि एक और नवजात की मौत के साथ ही गत दो दिनों में यहां 9 बच्चों की सांसें थम चुकी हैं. अखबार के मुताबिक अकेले दिसंबर माह में अस्पताल में 100 नवजात दम तोड़ चुके हैं. अस्पताल में बीते साल भी 963 बच्चों ने दम तोड़ा था. हाल ही में जिन बच्चों की सांसें थमी हैं वे कम वजन, प्री-मेच्योर डिलीवरी और माइल्ड इंफेक्शन से पीड़ित थे. अखबार के मुताबिक सरकार की जांच कमेटी ने हाल ही में जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें बच्चों की मौत के पीछे अस्पताल के वेंटिलेटर और वार्मर खराब होने सहित अन्य कारण बताए गए थे.

राजस्थान पत्रिका: चिकित्सा मंत्री ने दी विभाग को क्लीन चिट

राजस्थान पत्रिका के अनुसार राज्य सरकार के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने जेके लॉन अस्पताल में हुई बच्चों की मौत के मामले में अपने विभाग को क्लीन चिट दी है. डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों की मौत चिकित्सकों या मेडिकल स्टाफ की लापरवाही या संक्रमण के कारण नहीं हुई है. बकौल शर्मा सरकार की ओर से गठित कमेटी ने अपनी जांच में माना है कि बच्चों की मौत गंभीर रोगों के कारण हुई है. मंत्री के अनुसार केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी केन्द्र से चिकित्सकों की टीम भेजी थी. वहां की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में लापरवाही या इलाज की कमी नहीं मानी है.

चंबल संदेश: नए साल पर पहले दिन ही हुई एक और बच्चे की मौत
कोटा के स्थानीय अखबार चंबल संदेश ने भी गुरुवार के अपने अंक में जेके लॉन अस्पताल की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए लिखा है कि नए साल के पहले दिन ही अस्पताल में एक और बच्चा अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया. अखबार ने लिखा कि तमाम तरह के दावों के बावजूद अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. अस्पताल व्यवस्थाओं को सुधार पाने में नाकाम साबित हो रहा है.टाइम्स ऑफ इंडिया: दो दिनों में 9 और बच्चों की मौत

टाइम्स ऑफ इंडिया ने गुरुवार को कोटा में बच्चों की मौत की खबर को फिर मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अंग्रेजी दैनिक ने लिखा है कि अंतिम दो दिनों में 9 और बच्चों की मौत के साथ दिसंबर में मौत का आंकड़ा 100 पहुंच गया. हालांकि अखबार ने पिछले 6 साल के मौत के आंकड़ों के साथ यह भी बताने की कोशिश की है कि साल दर साल बच्चों की मौत का आंकड़ा कम हो रहा है.

ये भी पढ़ें- 

कैबिनेट ने किया 'टिड्डी टेरर' पर मंथन, सरकार प्रभावित किसानों को देगी मुआवजा

पाकिस्तान से आई हिन्दू शरणार्थी छात्रा के सामने आया शिक्षा का संकट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कोटा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 2, 2020, 2:31 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर