राज्य बजट में बड़ी मांगों पर फिर फिरा पानी, संभागों के ये सपने रह गए अधूरे

सीएम अशोक गहलोत ने 10 जनवरी को अपनी मौजूदा सरकार का पहला बजट पेश कर हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का प्रयास जरूर किया है, लेकिन फिर भी विभिन्न इलाकों की बरसों की कई बड़ी मांगें पूरी नहीं हो पाईं.

News18 Rajasthan
Updated: July 13, 2019, 9:10 PM IST
राज्य बजट में बड़ी मांगों पर फिर फिरा पानी, संभागों के ये सपने रह गए अधूरे
सीएम अशोक गहलोत। फाइल फोटो।
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Updated: July 13, 2019, 9:10 PM IST
सीएम अशोक गहलोत ने 10 जनवरी को अपनी मौजूदा सरकार का पहला बजट पेश कर हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का प्रयास जरूर किया है, लेकिन फिर भी विभिन्न इलाकों की बरसों की कई मांगें पूरी नहीं हो पाईं. इनमें अधिकांश वो मांगें थी, जिनके पूरे होने का लोगों को बरसों से इंतजार था. नई सरकार का पहला बजट होने के कारण लोगों की उम्मीदें इस बार परवान थी, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने से उन्हें मायूसी हाथ लगी.

बड़ी मांगों को किया दरकिनार


बात चाहे जोधपुर संभाग मुख्यालय पर एलिवेटेड रोड की हो या फिर अजमेर को मेडीसिटी बनाने के सपने की. चाहे उदयपुर संभाग में झीलों के जल स्तर को बनाए रखने की योजना की मांग हो या फिर भरतपुर संभाग की सुजान गंगा के जीर्णोद्वार की. सरकार ने अपने बजट में इन सब मांगों से किनारा कर लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. संभागवार इन बड़ी मांगों को सरकार ने नहीं दी तवज्जो.

जोधपुर संभाग

- जोधपुर मुख्यालय पर एलिवेटेड रोड की मांग के नाम पर फिर झुनझुना थमा दिया. यहां इसके लिए फिर डीपीआर की घोषणा हुई है.
- जोधपुर शहर में यातयात के दवाब को कम करने के लिए बरसों पुरानी इस मांग पर पहले भी तीन बार डीपीआर बन चुकी है.
- जोधपुर शहर व आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति की इंदिरा गांधी नहर योजना के थर्ड फेज के लिए कोई घोषणा नहीं की गई.
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अजमेर संभाग
- अजमेर को मेडिसिटी बनाने और धार्मिक पर्यटन सर्किट की मांग का सपना टूटा.
- पेयजल के ब्राह्मणी नदी प्रोजेक्ट पर नहीं हुआ कोई विचार.

उदयपुर संभाग
- संभाग की महत्वाकांक्षी देवास परियोजना के लिए नहीं मिला बजट. इसके दो फेज पूरे हो चुके हैं. तीसरे का इंतजार था.
- डूंगरपुर-रतलाम रेल सेवा वाया बांसवाड़ा रेल प्रोजेक्ट की योजना नहीं चढ़ पाई सिरे.

भरतपुर संभाग
- भरतपुर शहर के बीचोबीच बहने वाली सुजान गंगा नदी के जीर्णोद्धार की योजना फिर मांगों में ही रह गई.
- नदबई की फूड प्रोसेसिंग यूनिट की पूर्व में की गई घोषणा भी कागजों में रह गई.

कोटा संभाग
- कोटा में एयरपोर्ट के लिए जमीन आवंटन चुनावी मुद्दा और घोषणा भी थी, लेकिन इस का जिक्र तक नहीं हुआ.
- कोटा में ट्रिपल आईटी के लिए भवन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना भी फिर सपना ही रह गया.

बीकानेर संभाग
- बीकानेर शहर में एलिवेटेड रोड की मांग हमेशा की तरह फिर अधूरी रह गई.
- हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर कृषि विश्वविद्यालय का सपना भी सपना ही रह गया.

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