...और देखते ही देखते अपने ही रखवाले की अंगुली चबा गई 'गुस्‍साई' बाघिन रंभा
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...और देखते ही देखते अपने ही रखवाले की अंगुली चबा गई 'गुस्‍साई' बाघिन रंभा
बाघिन रंभा शुरू से ही काफी शांत स्वभाव की रही है. इसलिए किसी को इस बात की उम्मीद भी नहीं थी कि वो अचानक ऐसा करेगी

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की बाघिन रंभा (Tigress Rambha) ने केयर टेकर की उंगली चबा डाली. उसे घायल अवस्‍था में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.

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जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (Nahargarh Biological Park) में बिग कैट्स से जुड़ी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब खबर है कि नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की बाघिन रंभा (Tigress Rambha) ने शुक्रवार शाम को एक केयर टेकर की उंगली चबा डाली. यह हादसा उस वक्त हुआ जब केयर टेकर मुन्ना बाघिन रंभा के लिए पीने के पानी में इलेक्‍ट्रॉल घोल रहा था. पिंजरे में इलेक्‍ट्रॉल का पानी डालते वक्त केयर टेकर मुन्ना का जरा ध्यान चूका तो बाघिन ने झपट्टा मार कर मुन्ना की उंगली को अपने जबड़े कस लिया. इस घटना के वक्त वहां मौजूद सभी कर्मचारी अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए.

जैसे- तैसे मुन्ना ने अपनी उंगली छुड़ाई. गनीमत ये रही कि बाघिन पिंजरे के अंदर थी और केयर टेकर पिंजरे के बाहर. उसके बाद मुन्ना को सवाई मानसिंह अस्पताल भर्ती कराया गया है. मुन्ना की उंगली का एक हिस्सा अलग हो गया है, जिसका वापस जुड़ना मुश्किल बताया जा रहा है. शनिवार को मुन्ना के हाथ की सर्जरी की जाएगी. हालांकि, मामले को लेकर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के अधिकारियों ने अभी कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्क में लगातार कोई न कोई घटना जारी है.

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बाघिन के दोनों शावक की हो चुकी है मौत
बाघिन रंभा शुरू से ही काफी शांत स्वभाव की रही है. इसलिए किसी को इस बात की उम्मीद भी नहीं थी कि वो अचानक ऐसा करेगी. दो दिन पहले बिग कैट्स की स्क्रीनिंग के दौरान रंभा को भी ब्लड सेम्पल लेने के लिए बेहोश किया गया था. ऐसा माना जा रहा था कि उसी वजह से बाघिन चिड़चिड़ी हुई. इस बाघिन के दोनों शावक की मौत पिछले दिनों हो गयी थी.

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विशेषज्ञ बताते हैं कि बाघिन रंभा शावकों के नजर न आने से गुस्से में हो सकती है. इससे पहले कभी नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में किसी वन्यजीव द्वारा केयर टेकर पर हमला करने कभी कोई घटना नहीं हुई थी. 1995 में एक बार जयपुर में ऐसी घटना हुई थी. जब केज के अंदर का छोटा पिंजरा खुला रहने पर बाघ कॉरिडोर में बाहर आ गया था और उसने एक अधिकारी की पीठ पर पंजा मार दिया था.
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