रूप चौदस पर रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघिन लाडली नजर आई 3 लाडले शावकों के साथ

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की तादाद शावकों समेत काउंट की जाए तो वो 71 के पार जा पहुंची है, जबकि इस टाइगर रिजर्व में केवल 40 बाघों को ही संभालने की क्षमता है. फाइल फोटो
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की तादाद शावकों समेत काउंट की जाए तो वो 71 के पार जा पहुंची है, जबकि इस टाइगर रिजर्व में केवल 40 बाघों को ही संभालने की क्षमता है. फाइल फोटो

राजस्थान (Rajasthan) के सवाई माधोपुर (Sawai madhopur) जिले में स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) में दिवाली (Diwali) से पहले रूप चौदस के मौके पर खूबसूरत नजा़रा (Beautiful view) देखने को मिला. बाघिन टी-8 उर्फ लाडली (Tigress T-8 aka Ladli) अपने 3 शावकों (Cubs) के साथ जोन-6 में ट्रेक क्रॉस करती नज़र आई(Appeared).

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जयपुर/सवाई माधोपुर. राजस्थान (Rajasthan) के सवाई माधोपुर (Sawai madhopur) जिले में स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) में दिवाली (Diwali) से पहले रूप चौदस के मौके पर खूबसूरत नजा़रा (Beautiful view) देखने को मिला. बाघिन टी-8 उर्फ लाडली (Tigress T-8 aka Ladli) अपने 3 शावकों (Cubs) के साथ जोन-6 में ट्रेक क्रॉस करती नज़र आई(Appeared). अब तक माना जा रहा था कि बाघिन के केवल 2 ही शावक हैं, लेकिन रूप चौदस को तीनों शावक एक साथ नज़र आए तो इस बात का खुलासा हुआ कि शावक 2 नहीं 3 हैं.

नजारा देख पर्यटक रोमांचित हो गए
अब तक इस बाघिन ने अपने शावकों को सबसे दूर रखा हुआ था. उसके बाद कैमरा ट्रेप में केवल दो शावक नज़र आए थे, लेकिन शनिवार शाम को बाघिन के साथ 3 शावकों का ये नजारा देख पर्यटक रोमांचित हो गए. ट्रेक पर पहले बाघिन गुज़री और उसके बाद पीछे 1-1 करके तीनों नन्हें मुन्ने शावकों ने ट्रेक क्रोस किया. इस दौरान बाघिन के तीनों शावक सेहतमंद नज़र आए.

क्षमता से ज्यादा बाघ हो चुके हैं रणथंभौर टाइगर रिजर्व में
उल्लेखनीय है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में क्षमता से ज्यादा बाघ हो चुके हैं. अब वहां बाघों में टैरिटरी को लेकर संघर्ष भी काफी बढ़ गया है. रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की तादाद शावकों समेत काउंट की जाए तो वो 71 के पार जा पहुंची है, जबकि इस टाइगर रिजर्व में केवल 40 बाघों को ही संभालने की क्षमता है. वर्तमान में हालात ये हैं कि करीब 15 से 16 बाघ रणथंभौर के जंगल की सरहदों के आसपास इंसानी आबादी क्षेत्र भोजन-पानी की तलाश में भटक रहे हैं. इस क्षेत्र में बाघों के इंसानों पर हमले भी काफी बढ़ गए हैं.



इस वर्ष 4 लोग बाघों के हमले में मारे जा चुके हैं
इन सब हालत को देखते हुए वन विभाग की गश्त टीम ने अपनी रूटीन गश्त भी दुगुनी कर दी हैं. रिजर्व के आसपास के गांवों में जनप्रतिनिधि लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ वन विभाग स्टाफ की कमी से भी जूझ रहा है. इस वर्ष अब तक 4 लोग बाघों के हमले में अकाल मौत के शिकार हो चुके हैं. वहीं 4 बुरी तरह घायल हुए हैं. इंसानों पर लगातार हमले की वजह से ही टी-104 को वन विभाग द्वारा कैद करना पड़ा. वहीं वन विभाग ने 2 अन्य बाघों को वन विभाग ने इंसानों पर हमले करने वाला मानते हुए उन्हें चिन्हित किया है.

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