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राजस्थान में खेलों को बढ़ावा देने के गहलोत सरकार के प्रयास ला रहे रंग, खिलाड़ियों को दी जा रही है ये सुविधायें

राजस्थान में खेलों को बढ़ावा देने के गहलोत सरकार के प्रयास ला रहे रंग, खिलाड़ियों को दी जा रही है ये सुविधायें

पहले ओलम्पिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख, 50 लाख और 30 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान था. गहलोत ने इसे बढ़ाकर 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये कर दिया था.

पहले ओलम्पिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख, 50 लाख और 30 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान था. गहलोत ने इसे बढ़ाकर 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये कर दिया था.

Sports facilities in Rajasthan: राजस्थान में गत कुछ बरसों में खेलों के प्रति माहौल बदला है. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot government) ने पिछले दिनों खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये कई अहम कदम उठाये थे. उनका परिणाम अब सामने आने लगा है.

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जयपुर. टोक्यो पैरालम्पिक (Tokyo Paralympic) में राजस्थान के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पूरा देश और प्रदेश गौरवान्वित है. राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में ऊंचा किया है. इसका जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है. गहलोत सरकार (Ashok Gehlot government) ने भी प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी इनामी राशि का ऐलान किया है. सीएम गहलोत ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने जीवटता की मिसाल कायम करते हुए देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है. प्रदेश की अन्य खेल प्रतिभाओं को भी उनकी इस उपलब्धि से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी.

सीएम अशोक गहलोत ने स्वर्ण पदक भारत की झोली में डालने वाली शूटर अवनी लेखरा को 3 करोड़ की इनामी राशि देने की घोषणा की है. इसके साथ ही रजत पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर देवेन्द्र झाझड़िया को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर सुन्दर गुर्जर को एक करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की गई है. सीएम गहलोत सरकार ने हाल ही बरसों में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये कई अहम कदम उठाये थे.

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इन फैसलों से बना खेलों के प्रति माहौल
राजस्थान में पिछले दिनों ही ओलम्पिक खेलों में पदक जीतने पर खिलाडियों को इनामी राशि को बढ़ाया गया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2020-21 के बजट में इनामी राशि बढाने की घोषणा की थी. पहले स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख, 50 लाख और 30 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान था. गहलोत ने इसे बढ़ाकर 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये कर दिया था. राज्य में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं. अवनि लेखरा, देवेन्द्र झाझड़िया और सुन्दर गुर्जर को भी आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां मिली हुई हैं. टोक्यो पैरालम्पिक के ये तीनों पदक विजेता वन विभाग में एसीएफ के पद पर कार्यरत हैं. स्टेट लेवल टूर्नामेंट की भी राजस्थान में परम्परा शुरू की गई है. खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रशिक्षण की भी उच्चस्तरीय व्यवस्था की जा रही है. इन सब वजहों से प्रदेश में खेलों के प्रति माहौल बना है.

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खिलाड़ियों को दी जा रही है उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा
राजस्थान के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन इसलिए भी कर पा रहे हैं क्योंकि उनके प्रशिक्षण के लिए उच्चस्तरीय व्यवस्थाएं प्रदान की जा रही हैं. टोक्यो पैरालम्पिक में पदक जीतने वाली तीनों खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए इनके प्रशिक्षण के लिए पांच-पांच लाख रुपये स्वीकृत गये थे. अवनी लेखरा और सुन्दर गुर्जर को खेल परिषद् की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं. अवनी आधुनिक सुविधाओं से युक्त जगतपुरा शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण ले रही हैं. जबकि सुन्दर गुर्जर एसएमएस स्टेडियम की एथलेटिक्स स्पोर्ट्स एकेडमी में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं. मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी का कहना है कि गहलोत सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के जो प्रयास किए हैं उनके परिणाम अब सामने आने लगे हैं और प्रदेश के खिलाड़ी पूरी दुनिया में प्रदेश का परचम लहराएंगे.

Tags: Ashok Gehlot Government, Rajasthan latest news, Sports news, Tokyo Paralympics

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