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पिंक सिटी का पारसः क्रिकेटर बनना चाहते थे ‘गोल्डन बॉय’ कृष्णा नागर, मगर थामा बैडमिंटन का रैकेट तो छा गए

पिंक सिटी का पारसः क्रिकेटर बनना चाहते थे ‘गोल्डन बॉय’ कृष्णा नागर, मगर थामा बैडमिंटन का रैकेट तो छा गए

नागर ने बताया कि मैच जीतने के बाद अपनी खुशियों पर काबू नहीं रख पाए और सीधे उछल कर कोच के गले लग गए. (Photo-Twitter)

नागर ने बताया कि मैच जीतने के बाद अपनी खुशियों पर काबू नहीं रख पाए और सीधे उछल कर कोच के गले लग गए. (Photo-Twitter)

Golden Boy Krishna Nagar: टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन में देश के लिये गोल्ड मेडल जीतने वाले जयपुर के कृष्णा नागर के जीवन की कहानी भी बेहद संघर्षों से भरी है. वे पहले क्रिकेटर (Cricketer) बनना चाहते थे, लेकिन कम हाइट के कारण यह संभव नहीं हो पाया.

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जयपुर. ‘पारस’ उस चमत्कारी पत्थर को कहा जाता है, जिसे छू लेने भर से कोई भी चीज सोना बन जाती है. ऐसे ही प्रतिभाशाली हैं जयपुर केे कृष्ण कुमार नागर, जो बनना तो क्रिकेेटर चाहते थे, लेकिन जब बैडमिंटन के रैकेट को छुआ, तो टोक्यो पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीत लाए. कृष्णा को अब सब ‘गोल्डन बॉय. के नाम से जानते हैं. पिंक सिटी का यह गोल्डन बॉय अब दुनिया में छा गया है.

टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) के आखिरी दिन बैडमिंटन के शानदार मुकाबले में गोल्ड मेडल (Gold medal) अपने नाम करने वाले कृष्णा नागर (Krishna Nagar) पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे. लेकिन हाइट कम होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया. लेकिन इससे उनकी खेलों में रुचि कम नहीं हुई और उन्होंने रैकेट को थाम लिया. कृष्णा नागर का कहना है कि हाइट में कमी होने के बावजूद उन्हें कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे किसी से कमतर हैं. इसमें परिवार, मित्र और कोचेज का बहुत सपोर्ट रहा. कृष्णा ने कहा कि वे आगे भी इसी तरह सफलता जारी रखना चाहेंगे. उनका कहना कि वे काफी दिनों बाहर हैं. लिहाजा अब दोस्तों और परिवार के साथ थोड़ा वक्त बितायेंगे.

News18 के साथ जीत के अनुभव किए साझा
नागर ने अपनी जीत के अनुभवों को न्यूज18 से साझा करते हुए बताया कि वे जीत को लेकर आश्वस्त थे. क्योंकि इस पैरालंपिक में उनके सभी मुकाबले अब तक के सबसे बेहतरीन थे. हर एक मैच में उन्होंने कुछ ना कुछ सीखा है. उनकी निगाहें हमेशा फाइनल मुकाबला खेलने पर बनी हुई थी. पहले सेट में जीत के बाद दूसरे सेट में पिछड़ने पर उन्होंने कहा कि दूसरे सेट में डेप्थ ज्रूादा होने से शटल बेकाबू रही. इससे उनके प्वांइट्स चले गए. लेकिन तीसरे और आखिरी सेट में अटैकिंग भूमिका में रहते हुए मैच में जीत हासिल की.

परिजनों ने हमेशा कृष्णा का हर पल पर साथ दिया
बकौल नागर वे मैच जीतने के बाद अपनी खुशियों पर काबू नहीं रख पाए और सीधे उछल कर कोच के गले लग गए. उन्होंने अपनी जीत को देश को समर्पित करते हुए कहा कि मैच के तुंरत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फोन पर बधाई दी और जो हौसला अफजाई की जो वाकई में गौरवान्वित करने जैसा है. नागर के पिता ने बताया कि कृष्णा की लंबाई नहीं बढ़ रही थी. इससे वह भी निराश होने लगे. उनकी हाइट 4 फीट 2 इंच पर ही थम गई थी. लेकिन परिजनों ने हमेशा कृष्णा का हर पल पर साथ दिया और उन्हें प्रोत्साहित किया. इसका ही नतीजा है कि कृष्णा बैडमिंटन शॉर्ट हाइट कैटेगरी में इंडिया के लिये गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गये.

Tags: Indian badminton player, Rajasthan latest news, Sports news, Tokyo Paralympics

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