राजस्थान में बेरोजगारी भत्ते के हालात: अधिकतम 1 लाख 60 हजार को मिल सकता है, लाखों युवा हैं लगे हैं कतार में

मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि भत्ता केवल आवेदन करने वालों को ही दिया जाता है.

मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि भत्ता केवल आवेदन करने वालों को ही दिया जाता है.

Current situation of unemployment allowance in Rajasthan: प्रदेश में फिलहाल सरकारी पोर्टल पर 15 लाख 3 हजार 834 बेरोजगार पंजीकृत हैं. इनमें से 12 लाख 24 हजार बेरोजगार स्नातक और अधिस्नातक हैं. भत्ता अभी महज 1 लाख 59 हजार 113 आशार्थियों को भत्ता मिल रहा है.

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जयपुर. प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना (Mukhyamantri Yuva Sambal Yojana) के तहत दिया जा रहा बेरोजगारी भत्ता (Unemployment allowance) ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है. राज्य में 31 जनवरी 2021 तक विभागीय पोर्टल पर कुल 15 लाख 3 हजार 834 बेरोजगार पंजीकृत हुये हैं. इनमें से 12 लाख 24 हजार बेरोजगार स्नातक और अधिस्नातक हैं. योजना के तहत अधिकतम 1 लाख 60 हजार आशार्थियों को भत्ता राशि दिए जाने की सीमा निर्धारित है. वर्तमान में 1 लाख 59 हजार 113 आशार्थियों को भत्ता मिल रहा है. शेष बेरोजगार अभी भत्ता लेने की कतार में हैं.

यह खुलासा बेरोजगारी भत्ते से जुड़े विधानसभा में उठे सवाल के जवाब में हुआ. सोमवार को मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि जन-घोषणा पत्र में शिक्षित बेरोजगारों को 3500 रुपए प्रतिमाह तक भत्ता दिए जाने की घोषणा की गई थी. अब तक 2 लाख 49 हजार 433 आशार्थियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा चुका है. जबकि 2 लाख 15 हजार 390 आशार्थियों के आवेदन प्रतीक्षा सूची में लम्बित हैं. मंत्री ने कहा कि अब अधिकतम सीमा में वृद्धि प्रस्तावित है. उसके बाद और बेरोजगार युवा योजना से लाभान्वित हो सकेंगे.

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4 लाख 56 हजार आशार्थियों ने आवेदन किया है
सदन में विधायक राजेन्द्र राठौड़ की ओर से बेरोजगारी भत्ते से जुड़ा मूल सवाल पूछा गया था. राठौड़ की ओर से पूछे गये पूरक सवाल के जवाब में मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि भत्ता केवल आवेदन करने वालों को ही दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अब तक 4 लाख 56 हजार आशार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है. इनमें से अब तक 2 लाख 49 हजार 433 को लाभ दिया जा चुका है. पचास हजार से ज्यादा आवेदक योजना का लाभ लेने के बाद इससे बाहर हो चुके हैं.

नेता प्रतिपक्ष पर पलटवार

चांदना ने कहा कि हमारी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन आशार्थियों को पहले भत्ता दिया जो ओवरएज होने वाले थे. सवाल-जवाब के दौरान चांदना ने नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया पर पलटवार भी किया. कटारिया ने सत्र में जन घोषणा पत्र का बिन्दू पढ़ते हुए पूरक प्रश्न पूछा था कि क्या नौकरी और भत्ते के बीच कोई तालमेल है. इस पर चांदना ने कहा कि घोषणा पत्र में केवल बेरोजगारी भत्ते का जिक्र था. आपके पास घोषणा पत्र का क्या कोई अलग पन्ना है.
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