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आमेर फोर्ट, जंतर-मंतर के बाद जयपुर शहर भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल, आज मिलेगा सर्टिफिकेट
Jaipur News in Hindi

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Updated: February 5, 2020, 10:16 AM IST
आमेर फोर्ट, जंतर-मंतर के बाद जयपुर शहर भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल, आज मिलेगा सर्टिफिकेट
जयपुर को यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर का प्रमाण पत्र मिलेगा.

जयपुर (Jaipur) ने आज से 7 महीने पहले यानी 6 जुलाई को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची (World Heritage Site) में जगह बनाई थी. यूनेस्को (UNESCO) की ओर से विश्व धरोहर घोषित होने के बाद बुधवार को जयपुर को इसका प्रमाण पत्र मिलेगा.

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  • Last Updated: February 5, 2020, 10:16 AM IST
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जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) ने आज से 7 महीने पहले यानी 6 जुलाई को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची (World Heritage Site) में जगह बनाई थी. पिंकसिटी के नाम से पहचाने जाने वाले जयपुर शहर चारदीवारी (परकोटा) यानी ओल्ड सिटी को यूनेस्को (UNESCO) ने विश्व धरोहर घोषित करने के बाद बुधवार को जयपुर में इसका प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपा जाएगा. इसके लिए एक दिन पहले ही यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अजोले जयपुर पहुंची हैं. यूनेस्को की टीम इस अवसर पर शहर के विभिन्न ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का दौरा भी करेगी.

6 जुलाई 2019 को जयपुर मिला था ये खास दर्जा
पिछले साल 6 जुलाई को अजरबैजान की राजधानी बाकू में विश्व धरोहर समिति की बैठक में जयपुर को विश्व विरासत सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया था. इस निर्णय के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर यूनेस्को के फैसले पर खुशी जताई थी.



जयपुर का आमेर फोर्ट और जंतर-मंतर पहले से
जयपुर शहर के विश्व विरासत सूची में शामिल होने से पहले राजधानी के आमेर किला और राजा सवाई जयसिंह द्वारा निर्मित जयपुर की वेधशाला जंतर-मंतर को विश्व विरासत घोषित किया जा चुका था. बता दें कि जयपुर की वेधशाला यानी जंतर-मंतर के अतिरिक्त जय सिंह ने देश में चार अन्य वेधशालाएं (दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन एवं मथुरा) में स्थापित की थी लेकिन अपनी सटीक गणना और रख-रखाव के चलते जयपुर की वेधशाल को इस सूची में शामिल किया गया.

UNESCO heritage site Jaipur
जयपुर का आमेर किला विश्व धरोहर सूची में शामिल है.


क्यों खास है जयपुर?
2018 में जयपुर निरीक्षण को पहुंची यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय परिषद की टीम कई पैमानों में यहां का आकलन किया. 1727 में राजा जयसिंह के बसाए इस ऐतिहासिक शहर में प्राचीन हिन्दू, मुगल और समकालीन पश्चिमी शैली के स्थापत्य की झलक मिलती है. आज भी यह शहर अपनी स्थापत्य कला के चलते दुनियाभर के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बता दें कि अब तक विश्व धरोहर सूची में 167 देशों के 1092 स्थानों को शामिल किया जा चुका है.

UNESCO heritage site Jaipur
जयपुर के जंतर-मंतर यानी वेधशाला की गणना आज भी सटीक मानी जाती हैं.


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First published: February 5, 2020, 10:09 AM IST
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