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Union Budget 2020: किसान महापंचायत को रास नहीं आया बजट, बयानों की बयार, तर्कों की भरमार

Sachin Kumar | News18 Rajasthan
Updated: February 1, 2020, 7:48 PM IST
Union Budget 2020: किसान महापंचायत को रास नहीं आया बजट, बयानों की बयार, तर्कों की भरमार
बजट का आमजन अपने-अपने हिसाब से विश्लेषण करने में जुटा है.

किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बजट को लेकर कहा कि केन्द्र सरकार अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर कटघरे में है.

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जयपुर. आम बजट (budget) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी (BJP) नेताओं ने जहां इसे भारत को मजबूत करने वाला बताया है, वहीं कांग्रेस (Congress) ने इसे निराशाजनक करार दिया है. किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर कहा कि केन्द्र सरकार अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर कटघरे में है. उसकी झेंप मिटाने के लिए इस तरह का बजट पेश किया गया है. दूसरी तरफ बजट में इनकम टैक्स स्लैब (Tax slab) में राहत और अन्य घोषणाओं पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़े प्रोफेशनल्स ने मिलजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

16 सूत्री कार्यक्रम की घोषणा 2016-17 के बजट की पुनरावृत्ति
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 16 सूत्री कार्यक्रम की घोषणा 2016-17 के बजट की पुनरावृत्ति है. हकीकत यह है कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय बढ़ने की बजाय घट रही है. वहीं बजट में ग्रामीण गोदाम और ग्राम पंचायत स्तर पर भण्डारण व्यवस्था की बात कही गई है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में बजट का प्रावधान नहीं किया गया है.

कृषि के हिस्से में 10 प्रतिशत से भी कम बजट आया

उन्होंने कहा कि देश में 75 फीसदी आबादी किसान है, लेकिन कृषि के हिस्से में 10 प्रतिशत से भी कम बजट आया है. जाट ने कहा कि 2016-17 में कृषि विकास दर 6.3 प्रतिशत थी जो अब 2.9 प्रतिशत रह गई है. व्यापारिक शर्तें भी किसानों के खिलाफ है. बजट में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान में सुधार के भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं. उन्होंने बजट को मृग मरीचिका करार दिया

नए टैक्स स्लैब में वेतनभोगी को फायदा
जयपुर के सीए संजय घीया कहते हैं कि नए टैक्स स्लैब में वेतनभोगी को फायदा तो होगा, लेकिन यह केस टू केस वैरी करेगा. क्योंकि सरकार ने कहा है कि जो नए स्लैब में जाएगा वह छूट का फायदा नहीं ले सकता है. वहीं सीए नरेन्द्र मित्तल का कहना है कि नए टैक्स स्लैब में ज्यादा सैलरी पाने वालों को फायदा होगा. इसमें 7.5 लाख से 15 लाख रुपयों तक की सैलरी पाने वालों को बड़ा फायदा होगा. उन्हें पहले के मुकाबले कम टैक्स देना पड़ेगा. 

 

छूट का आमजन पर असर पड़ेगा
निम्स यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर फाइनेंस पल्लवी मिश्रा ने बताया कि वित्त मंत्री ने जो टैक्स स्लैब दिया है. वो देखने में तो ठीक लग रहा है, लेकिन जो छूट खत्म करने की बात की गई है उसका आमजन पर असर पड़ेगा. अब देखना है कि सरकार कौन-कौन सी छूट खत्म करती है.

 

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First published: February 1, 2020, 7:22 PM IST
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