Unlock-1.0: मुंबई से ट्रेन जयपुर पहुंची तो तार-तार हुआ सोशल डिस्टेंसिंग का नियम
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Unlock-1.0: मुंबई से ट्रेन जयपुर पहुंची तो तार-तार हुआ सोशल डिस्टेंसिंग का नियम
मुंबई से आई इस ट्रेन में कुल 834 यात्री जयपुर पहुंचे. हालांकि सभी यात्रियों ने मास्क लगाए हुए थे, लेकिन ये सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन नहीं कर पाए.

तमाम गाइडलाइन और सतर्कता के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को मेंटेन करना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. मंगलवार को मुबंई सेंट्रल से राजधानी जयपुर पहुंची ट्रेन के बाद यहां यात्रियों की भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी.

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जयपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के बाद अनलॉक-1.0 (Unlock) में 1 जून से पैसेंजर ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं. देशभर में 200 पैसेंजर ट्रेनों (Passenger trains) के दौड़ने का सिलसिला सोमवार से शुरू हो चुका है. लेकिन तमाम गाइडलाइन और सतर्कता के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को मेंटेन करना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. मंगलवार को मुबंई सेंट्रल से राजधानी जयपुर पहुंची ट्रेन के बाद यहां यात्रियों की भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी.

मुबंई सेंट्रल से ट्रेन में कुल 834 यात्री जयपुर पहुंचे
रेलवे की ओर से चलाई जा रही ट्रेनों में से उत्तर पश्चिम रेलवे के हिस्से में 10 ट्रेनें आई हैं. इनमें से सोमवार को जयपुर से सिर्फ एक ट्रेन चली. यह जयपुर से जोधपुर के लिए निकली थी. दूसरे दिन मंगलवार को सिर्फ एक ट्रेन मुंबई सेंट्रल से जयपुर पहुंची. कोविड-19 से पहले की रेलयात्रा और कोविड-19 के दौरान की यात्रा में काफी कुछ बदल गया है. तमाम नियमों के बावजूद भीड़ पर काबू रखना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. मुंबई से आई इस ट्रेन में कुल 834 यात्री जयपुर पहुंचे. हालांकि सभी यात्रियों ने मास्क लगाए हुए थे, लेकिन ये सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन नहीं कर पाए और इसकी धज्जियां उड़ती हुई नजर आई.

यात्रियों में कहीं भी नजर नहीं आई सोशल डिस्टेंसिंग



इस दौरान ना तो यात्रियों ने 2 फीट का फासला था और ना ही रेलवे स्टेशन पर इसके माकूल इंतज़ाम थे. यात्रियों की तादाद के हिसाब से जितनी मेडिकल टीम रेलवे स्टेशन पर जांच के लिए उपलब्ध होनी चाहिए थी उतनी नजर नहीं आई. रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने की जल्दी में यात्रियों की भीड़ लग गई. हालांकि इनमें से 64 यात्री पहले ही दुर्गापुरा स्टेशन पर उतर गए थे, लेकिन बाकी यात्रियों की भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियम कायदों को तार-तार करके रख दिया.



एक ही एक्जिट गेट से सभी यात्रियों को निकाला गया
सभी यात्रियों के बाहर निकालने के लिए कम से कम दो एक्जिट गेट का प्लान होना चाहिए था, लेकिन उनको एक ही एक्जिट गेट से निकाला गया. लिहाजा सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नजर नहीं आई. तमाम हिदायतों और निर्देशों के बावजूद लोग संभल नहीं रहे हैं और कोरोना से बचाव के सबसे बड़े नियम सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर रहे हैं. पूरी दुनिया में फिलहाल कोरोना महामारी का प्रकोप थमा नहीं है और देश में कोरोना के मामले रोज बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में अकेला प्रशासन काबू करना भी चाहे तो उसके लिए यह बड़ा मुश्किल होगा.

NWR को अभी केवल 10 ट्रेनें ही संभालनी है
फिलहाल NWR को केवल 10 ट्रेनें ही संभालनी है. लेकिन आने वाले समय में ज्यादा ट्रेनें चलाने की घोषणा हुई तो जयपुर जंक्शन का नजारा भयावह हो सकता है. लॉकडाउन से पहले जयपुर जंक्शन से रोजाना लगभग 100 ट्रेनें गुजरा करती थी. अभी महज 10 ट्रेनें चलाने की ही घोषणा की गई है. सोमवार को जयपुर से जोधपुर के लिए गई ट्रेन में यात्रीभार कम होने से चेक इन कर संभालने में आसानी रही थी. लेकिन अगर सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जागुरुकता का अभाव रहा तो कोरोना को आम घरों और गांवों तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी.

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