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Rajasthan : भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में नहीं पहुंची वसुंधरा राजे, नेताओं ने दी ये सफाई

बीजेपी कोर कमिटी की पहली बैठक शुरू हुई पर इसमें वसुंधरा राजे उपस्थित नहीं रहीं.
बीजेपी कोर कमिटी की पहली बैठक शुरू हुई पर इसमें वसुंधरा राजे उपस्थित नहीं रहीं.

रविवार को बीजेपी की कोर कमेटी की पहली बैठक में वसुंधरा राजे का नहीं आना चर्चा में रहा. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे से लेकर चार विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर मंथन हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 12:10 AM IST
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जयपुर. वसुंधरा राजे (Vasundhara raje) को लेकर भाजपा (BJP) के भीतर जो कुछ भी चल रहा है उसको लेकर सियासी हलचल बढ़ती जा रही है. रविवार को बीजेपी की कोर कमेटी (BJP Core Committee) की पहली बैठक में वसुंधरा राजे का नहीं आना चर्चा में रहा. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के दौरे से लेकर चार विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर मंथन हुआ. ये बैठक कई मायनों में अहम थी, लेकिन वसुंधरा राजे इससे नदारद थीं. वसुंधरा के पार्टी में नहीं आने पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया से लेकर राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह के सामने मीडिया ने सवालों की बौछार की, तो दोनों ही नेता सवालों से बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि उनकी पुत्रवधू बीमार हैं, इसलिए वे बैठक में नहीं पहुंच सकीं.

भाजपा के भीतर चल रहे सियासी तूफान के बीच कोर कमेटी की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी. शुक्रवार को ही कोर कमेटी का एलान हुआ और दो दिन में ही बैठक बुला ली गई. मगर वसुंधरा राजे की गैरहाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए. हालांकि राजे के अलावा गुलाबचंद कटारिया और भूपेंद्र यादव ने भी जरूरी कारणों का हवाला देकर बैठक से दूरी बनाए रखी. मगर चर्चा सिर्फ राजे की रही. प्रदेश नेतृत्व और पार्टी आलाकमान से उनकी अनबन की खबरों पर अभी तक विराम नहीं लग पाया है. चुनाव तीन साल बाद होने हैं, लेकिन पार्टी के भीतर चल रहा शह और मात का खेल पूरे परवान पर है. सीएम के चेहरे के लिए कई गुट बन रहे हैं.

राष्ट्रीय नेतृत्व धड़ेबंदी को थामने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है. मगर असंतुष्ट धड़ा नेतृत्व को आंख दिखा रहा है. सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं के फैंस सीएम के लिए अभियान चला रहे हैं, जिससे पार्टी की एकता तार-तार हो रही है.



प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने बताया कि रविवार की बैठक में तय हुआ कि गुटबाजी खत्म करने के लिए पार्टी अगले महीने चिंतन बैठक करेगी. कोर कमेटी की बैठक हर महीने होगी. सीएम का चेहरा कौन होगा, ये सोशल मीडिया और नेता नहीं बल्कि पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा.
कोर कमेटी में चार विधानसभाओं के उपचुनाव, निकाय चुनाव से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे पर विस्तार से चर्चा हुई. हर बूथ पर शक्ति केंद्रों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. मोर्चा कार्यकारिणी के गठन और सांसदों की जल्द बैठक बुलाने पर भी बात हुई. मगर बैठक का कोर एजेंडा पार्टी के भीतर चल रहे घमासान को थामने पर था, ताकि नेताओं की आपसी लड़ाई कहीं उनके मनोबल को न तोड़ दे.
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