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वसुंधरा सरकार भी 'पद्मावती' के विरोध में, फिल्म रिलीज के लिए रखी शर्त!
Jaipur News in Hindi

Bhawani Singh | News18India.com
Updated: March 16, 2017, 9:16 PM IST
वसुंधरा सरकार भी 'पद्मावती' के विरोध में, फिल्म रिलीज के लिए रखी शर्त!
सरकार की मांग है कि फिल्म में इतिहास के साथ तोड़-मरोड़ की गई या नहीं, इसकी जांच हो और जांच भी फिल्म प्रमाणन बोर्ड या फिर कोई सरकारी एजेंसी करे.

सरकार की मांग है कि फिल्म में इतिहास के साथ तोड़-मरोड़ की गई या नहीं, इसकी जांच हो और जांच भी फिल्म प्रमाणन बोर्ड या फिर कोई सरकारी एजेंसी करे.

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फिल्म पद्मावती का विरोध और विवाद अब तक हिंदू संगठनों और करणी सेना तक था. अब राजस्थान सरकार भी इसके विरोध में उतर आई है. सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन से पहले एक शर्त रख दी है. सरकार की मांग है कि फिल्म में इतिहास के साथ तोड़-मरोड़ की गई या नहीं, इसकी जांच हो और जांच भी फिल्म प्रमाणन बोर्ड या फिर कोई सरकारी एजेंसी करे.

गौरतलब है कि राजे सरकार ने पहले तो फिल्म की राजस्थान में शूटिंग और प्रदर्शन पर रोक का सरकारी बयान जारी किया. लेकिन जैसे ही राजधर्म और सरकार की छवि का अहसास हुआ, राजे सरकार अपने ही आदेश से पलट गई.

प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने बुधवार को राष्ट्रीय करणी सेना के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उन्हें यकीन दिलाया कि फिल्म की न राजस्थान में शूटिंग होगी न ही रीलीज.

ये पहली दफा नहीं है जब राजे सरकार और बीजेपी करणी सेना के साथ खड़ी नजर आई. इससे पहले जब जयपुर के जयगढ़ में पद्मावती फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना ने सेट तोड़ा और निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली की पिटाई की, उस समय भी प्रदेश सरकार खामोश रही.

सरकार ने गिरफ्तारी तो दूर पिटाई की फुटेज होने के बावजूद करणी सेना के खिलाफ केस तक दर्ज नहीं किया. इसके उलट सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता भंसाली के खिलाफ खड़े नजर आए. केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने तो करणी सेना की इस गुंडागर्दी को भी जायज ठहरा दिया.

दूसरा मौका तब आया जब चितौड़ किले में घुसकर करणी सेना ने पद्मिनी के महल में ऐतिहासिक 200 साल पुराना शीशा तोड़ दिया. जिसके बारे में दावा किया जा रहा था कि अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मिनी का चेहरा इसी आईने में देखा. करणी सेना के तोड़फोड़ की जिम्मेदारी लेने के बावजूद केस भी दर्ज नहीं हुआ.

तीसरा मौका तब आया जब आरक्षण की मांग को लेकर लाठियों के साथ करणी सेना ने जयपुर में प्रदर्शन किया. तब भी सरकार के उर्जा मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों के बीच आकर भरोसा दिलाया कि पद्मावती बिना प्री स्क्रिनिंग के रीलीज नहीं होगी.पद्मिनी के जौहर को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. भले ही पद्मावती में संजय लीला भंसाली भी फिल्म में पद्मिनी के इसी आन, मान और बलिदान को दिखाएं, लेकिन विश्व हिंदू परिषद और हिंदूवादी संगठनों के करणी सेना के साथ आने के बाद सरकार ने भी सियासी फायदे नुकसान का आकलन कर भंसाली को अकेले छोड़ दिया.

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First published: March 16, 2017, 8:59 PM IST
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