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उपराष्ट्रपति चुनावः झुंझूनूं में जन्में, जयपुर में वकालत, बनाए कई रिकॉर्ड... जगदीप धनखड़ की कहानी

जगदीप धनखड़ ने 1979 में  वकालत में करियर की शुरुआत की थी. फोटो- न्यूज18

जगदीप धनखड़ ने 1979 में वकालत में करियर की शुरुआत की थी. फोटो- न्यूज18

Jagdeep Dhankhar News: जगदीप धनखड़ ने 1979 में वकालत की शुरुआत की, और 35 साल की उम्र में सबसे युवा हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष बने. वहीं सबसे युवा सीनियर एडवोकेट नामित होने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है.

हाइलाइट्स

1951 में झुंझूनूं जिले के गांव किठाना में जगदीप धनखड़ का जन्म हुआ
जगदीप धनखड़ ने 1979 में अपने वकालत करियर की शुरुआत की थी
फौजदारी और इंटरनेशनल आर्बिटेशन के मामलों के वे मास्टर थे

जयपुर. उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए ने राजस्थान के जगदीप धनखड़ को अपना प्रत्याशी बनाया है. राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले धनखड़ पेशे से वकील रहे हैं, उन्होंने जयपुर से ही अपने वकालत करियर की शुरुआत की. साल 1951 में झुंझूनूं जिले के गांव किठाना में पैदा हुए जगदीप धनखड़ मूलतः राजस्थानी हैं और राजनीति से पहले वकालत में अपनी धाक जमा चुके हैं. जगदीप धनखड़ ने 1979 में वकालत के करियर की शुरुआत की. उनके जूनियर रहे और वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट में एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल आरडी रस्तोगी धनखड़ को अपना गुरु मानते हैं. रस्तोगी बताते हैं कि ‘जगदीप धनखड़ में वकालत का जूनून था. वे फौजदारी और इंटरनेशनल आर्बिटेशन मामलों के मास्टर थे.’

हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव प्रहलाद शर्मा बताते हैं कि ‘जगदीप धनखड़ ने 1979 में वकालत की शुरुआत की, लेकिन 35 साल की उम्र में सबसे युवा हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष बने. वहीं सबसे युवा सीनियर एडवोकेट नामित होने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है. 1990 में वे वरिष्ठ अधिवक्ता हो गए थे. और बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य भी निर्वाचित हुए.’

वकालत के पेशे में धनखड़ के जूनियर रहे कई अधिवक्ता आज बड़े पदों पर हैं. इनमें जस्टिस आरएस चौहान मुख्य न्यायाधीश के पद से रिटायर हुए. वहीं जस्टिस एसपी शर्मा पटना हाईकोर्ट में जज हैं, वे भी धनखड़ के जूनियर रहे. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता आरडी रस्तोगी हाईकोर्ट में एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल हैं, तो वरिष्ठ अधिवक्ता एनए नकवी भी धनखड़ के जूनियर रहे.

वकालत के पेशे में कब तक रहे सक्रिय?
रिश्ते में जगदीप धनखड़ के साले प्रवीण बलवदा आज भी उसी चैम्बर से अपनी वकालत करते हैं, जहां राजनीति में जाने से पहले जगदीप धनखड़ वकालत किया करते थे. इनके चैम्बर में आज भी लॉ की वे किताबें मौजूद है, जिन्हें पढ़कर जगदीप धनखड़ ने वकालत में अपना लोहा मनवाया. बलवदा बताते हैं कि जगदीप धनखड़ की वकालत किस तरह की थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस जमाने में उनके साथ 30 से 35 वकील काम करते थे. किसी क्लाइंट के आ जाने पर उसे बैठाने के लिए उनके जूनियर को सीट छोड़नी पड़ती थी.

वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की शपथ लेने से पहले तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की. वकालत के आखिरी दिनों में वे कॉरपोरेट लॉ के केसेज लड़ रहे थे.

Tags: Jagdeep Dhankhar, Jaipur news, Rajasthan news

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