जयपुर के जमीन बचाने के लिए किसानों ने ली 'जमीन समाधि'

साधारण सत्याग्रह नहीं बल्कि जमीन में गड्‌ढ़ा खोदकर उसमें बैठेकर शुरू किया गया.

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राजस्थान की राजधानी जयपुर की एक सरकारी आवासीय योजना के लिए जमीन अधिग्रहण मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया. जमीन के मालिक अनूठे सत्याग्रह पर बैठ गए. यह साधारण सत्याग्रह नहीं बल्कि जमीन में गड्‌ढ़ा खोदकर उसमें बैठेकर शुरू किया गया.

इस आंदोलन की अगुवाई करने वाले संघर्ष समिति संयोजक नगेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार और जेडीए ने उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया छीनने की ठान ली है. सरकार के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लागने के बाद भी बात नहीं सुनी गई तो खुद को (गर्दन तक) जमीन के भीतर गाड़ने की नौबत आई है.

22 ग्रामीण जमीन में उतरे



पिछले 7 सालों से आवासीय योजना के चलते अपनी जमीनों को खोने के डर के बीच जी रहे किसानों के इस आंदोलन की शुरुआत सोमवार सुबह हुई. ऐसे 22 किसान-काश्तकार ने एक साथ जमीन में खोदे गड्ढों में बैठे गए. दिनभर किसी ने कुछ नहीं खाया.
मांगे पूरी नहीं हुई तो सत्याग्रह रहेगा जारी

संघर्ष समिति की माने तो आवासीय योजना के लिए भू-अवाप्ति को लेकर जेडीए और सरकार कोई निपटारा नहीं करती है तो यह सत्याग्रह यूं ही जारी रहेगा. बता दें कि सीकर रोड पर स्थित नींदड़ गांव में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से 1350 बीघा भूमि पर आवासीय योजना लेकर आ रहा है.

(रिपोर्ट- दीपक व्यास)

 
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