सीएम वसुंधरा राजे के गृह क्षेत्र में विरोध की चिंगारियां, मुश्किल में भाजपा

भाजपा सरकार की राह में रोड़े आने शुरू हो गए हैं. इन रोड़ों की शुरुआत हुई है खुद वसुंधरा राजे के गृहक्षेत्र झालावाड़ से. दो दिन पूर्व यहां युवाओं ने रैली निकालकर 'वसुंधरा झालावाड़ छोड़ो' का नारा दिया.

News18 Rajasthan
Updated: August 12, 2018, 1:58 PM IST
सीएम वसुंधरा राजे के गृह क्षेत्र में विरोध की चिंगारियां, मुश्किल में भाजपा
झालावाड़ में सीएम राजे के खिलाफ निकाली गई रैली। फोटो: न्यूज18 राजस्थान
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Updated: August 12, 2018, 1:58 PM IST
राजस्थान गौरव यात्रा पर निकलीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चार अगस्त से 10 अगस्त तक एक सप्ताह आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग की यात्रा कर जनमानस टटोला. गौरव यात्रा के आगाज से भाजपा उत्साहित भी है. उसे उम्मीद है कि जो समर्थन उसे उदयपुर संभाग में मिला है, वही उसे शेष राजस्थान में भी मिलेगा.

इस बीच भाजपा सरकार की राह में रोड़े आने शुरू हो गए हैं. इन रोड़ों की शुरुआत हुई है खुद वसुंधरा राजे के गृहक्षेत्र झालावाड़ से. दो दिन पहले यहां युवाओं ने रैली निकालकर 'वसुंधरा झालावाड़ छोड़ो' का नारा दिया. रैली की अगुवाई करने वाले प्रमोद शर्मा पूर्व में भाजपा के युवा मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष और झालावाड़ पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं. रैली में शामिल युवाओं ने स्थानीय प्रत्याशी की मांग के साथ ही क्षेत्र में विकास को बाधित करने का आरोप लगाते हुए 'वसुंधरा झालावाड़ छोड़ो' का नारा दिया.

जिलाध्यक्ष का आरोप, स्वार्थी हैं प्रमोद शर्मा


दूसरी तरफ पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय जैन ने प्रमोद शर्मा को पार्टी का कार्यकर्ता मानने से ही इनकार कर दिया. उनका कहना था कि शर्मा ने पूर्व में सांसद की टिकट की मांग की थी. वह पूरी नहीं होने के बाद से व्यक्तिगत स्वार्थों के चलते इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं. हो सकता है कि झालावाड़ की रैली शर्मा की व्यक्तिगत टीस का परिणाम हो, लेकिन इससे इतर भी कई बड़े वर्ग कई जगह विरोध के स्वर बुलंद कर चुके हैं, जो सरकार के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं.

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गुर्जर समाज, कर्मचारी, किसान व मजदूर वर्ग ने खोला मोर्चा
वसुंधरा राजे सरकार से नाराज चल रहे कई वर्ग पिछले दिनों सरकार को खुली चुनौती दे चुके हैं. इनमें आरक्षण को लेकर संघर्षरत गुर्जर समाज के प्रतिनिधि आरक्षण आंदोलन को लेकर पिछले दिनों हुए समझौते का पालन नहीं होने से नाराज होकर गौरव यात्रा के विरोध करने का ऐलान कर चुके हैं. वहीं कर्मचारी सरकार के खिलाफ जागृति यात्रा पर हैं. किसान व मजदूर वर्ग ने भी भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

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राजपूत समाज का भी एक बड़ा धड़ा नाराज
दूसरी तरफ गैंगस्टर आंनदपाल एनकांउटर समेत कई मुद्दों पर सरकार से नाराज से चल रहे राजपूत समाज के एक वर्ग ने भी पिछले दिनों राजधानी जयपुर में बैठक कर मुखालफत के स्वर तेज कर दिए थे. हालांकि उसी दिन सीएम राजे ने राजपूत समाज के नेताओं को सीएमआर में बुलाकर समाज में फैल रही आक्रोश की आग को ठंडा करने के निर्देश भी दिए थे.

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