होम /न्यूज /राजस्थान /Rajasthan Assembly Election: मेवात की 18 सीटों पर कौन गाड़ेगा झंडा? कांग्रेस-बीजेपी के साथ बसपा की भी नजर

Rajasthan Assembly Election: मेवात की 18 सीटों पर कौन गाड़ेगा झंडा? कांग्रेस-बीजेपी के साथ बसपा की भी नजर

Alwar news: मेवात में रथों पर सवार बीजेपी का मिशन-2023

Alwar news: मेवात में रथों पर सवार बीजेपी का मिशन-2023

Alwar News: राजस्थान में साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी, कांग्रेस, बसपा और रालोद के नेताओं ने ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

अलवर-भरतपुर की 18 में से आधी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस काबिज, रथों पर सवार बीजेपी का मिशन-2023
मेवात के दो जिलों में कांग्रेस ने पिछले चुनाव में दी थी बीजेपी को पटखनी, कुछ जीतने वालों को मंत्री पद से नवाजा

अलवर. उत्तर प्रदेश और हरियाणा (UP and Haryana) की सीमा से सटे राजस्थान के दो जिले भरतपुर और अलवर (Bharatpur and Alwar) की राजनीतिक धारा कुछ अलग ही दिशा में बहती है. इस मेवात क्षेत्र (Mewat Region) में 2013 में बीजेपी की बढ़त को कांग्रेस (Congress) ने पिछले चुनाव में सीमित कर दिया और सबसे ज्यादा सीटें जीतीं. सीमावर्ती जिले (Border districts) होने के कारण मेवात में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी अपनी अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

मेवात इलाके में विधानसभा की कुल 18 सीटें हैं. इनमें से आधी यानी नौ सीटों पर कांग्रेस विधायकों ने जीत हासिल की. बीजेपी की शिकस्त देने का मेवात के कांग्रेस नेताओं को मंत्री पद के रूप में ईनाम भी मिला.

भरतपुर: कांग्रेस को मिलीं सबसे ज्यादा चार सीटें
विधानसभा चुनाव-2018 में भरतपुर जिले की सात में से चार सीटें कांग्रेस ने जीत ली हैं, वहीं एक सीट कांग्रेस-रालोद गठबंधन तथा दो सीट बसपा के पक्ष में गईं. वर्ष 2013 में भाजपा का यहां सात में से छह सीट पर कब्जा था. इतिहास को दोहराते हुए कांग्रेस ने उसी अंदाज में अपनी उपस्थिति दर्ज की है. भाजपा यहां छह सीटों पर दूसरे नम्बर पर रही है, वहीं एक सीट पर सपा का उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहा. जिले की सबसे हॉट सीट डीग-कुम्हेर से कई बार के उतार चढ़ाव के बाद अंतत: कांग्रेस के विश्वेंद्र सिंह विजयी रहे. उन्होंने भाजपा के दिवंगत नेता डॉ. दिगम्बर सिंह के पुत्र डॉ. शैलेश सिंह को पराजित किया. जीत कर विश्वेंद्र सिंह सरकार में मंत्री बने.

जयपुर में नकली शराब की फैक्ट्रियों पर छापेमारी, ऑटोमेटिक मशीन से तैयार हो रहा था दारू

अलवर: बीजेपी के सिर्फ दो विधायक बने, पहले नौ थे
राजस्थान के पूर्वी सिंहद्वार अलवर जिले की 11 सीटों में से 5 पर कांग्रेस काबिज है. पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को जिले की सिर्फ दो सीटों अलवर शहर और मुण्डावर में ही जीत मिल पाई. 2013 में भाजपा के जिले में 9 विधायक चुने गए थे. बसपा ने बड़ा उलटफेर करते हुए दो सीटें तिजारा और किशनगढ़ जीतीं. अलवर में निर्दलीयों ने अच्छा प्रदर्शन किया और दो सीटें अपने नाम कीं. कांग्रेस ने चार सीटें- अलवर ग्रामीण, राजगढ़-लक्ष्मणढ़, कठूमर और बानसूर 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतीं थीं.

उपचुनाव से कांग्रेस 100 सीटों तक पहुंची
अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण स्थगित कर दिया गया था. यहां 28 जनवरी 2019 को हुए मतदान में 79.04 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस उप चुनाव में कांग्रेस की साफिया खान को जीत मिली. इसी के साथ प्रदेश में कांग्रेस की सीटों की संख्या तीन अंकों में यानी 100 पूरी हो गई. विधानसभा चुनाव-18 में कांग्रेस को 99 और बीजेपी को 73 सीटें मिलीं थीं.

मेवात में रथों पर सवार बीजेपी का मिशन-2023
पिछले विधानसभा चुनाव में मेवात इलाके में मिली करारी हार के बाद बीजेपी अब अभी से चुनावी मशक्कत में लग गई है. मिशन-2023 को देखते हुए बीजेपी सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों में रथ दौड़ाए हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और राजेन्द्र राठौड़ दिसंबर में रथों को हरी झंडी दिखाई. रथों पर सवार होकर स्थानीय नेता नुक्कड़ सभाओं में बीजेपी का प्रचार करेंगे. बीजेपी के 18 रथ 15 दिन में लगभग 6 हजार किलोमीटर का सफर तय कर लगभग 2 हजार ग्राम पंचायतों में गए. स्थानीय नेताओं ने प्रदेश में बढ़ते अपराध और महिला अत्याचार के खिलाफ कानून की लचर व्यवस्था को उजागर किया.

बीजेपी को हराकर मिला मंत्री पद का तोहफा
पिछले चुनाव में भाजपा के गढ़ में सेंधमारी कर जीत हासिल करने का भरतपुर-अलवर के नेताओं को फायदा भी हुआ. इनमें से कई कद्दावर नेता गहलोत सरकार में मंत्री हैं. मेवात के प्रमुख नेताओं में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, जेल मंत्री टीकाराम जूली, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, राज्य मंत्री जाहिदा खान, आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेद्र राठौड़, पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना, पूर्व मंत्री नटवर सिंह, पूर्व पर्यटन राज्यमंत्री कृष्णेंद्र कौर (दीपा), डॉ. रोहिताश्व शर्मा, संदीप यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, रामकिशन मेघवाल, पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव, एमामुद्दीन अहमद उर्फ दुर्रु मियां, जुबेर खान, समरथलाल मीणा, जौहरीलाल मीणा, बाबूलाल बैरवा, रामस्वरूप कोली, भजनलाल जाटव, ऋतु बनावत, ललित यादव और अजीत यादव आदि शामिल हैं.

Tags: Alwar News, Assembly election, Rajasthan news in hindi

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें