राजस्थान में उपचुनाव से पहले मतदान, 95% से ज्यादा वोटिंग के बीच महिलाओं ने जीती 'जंग', जानें पूरा मामला

प्रदेश में राजसमंद पहला जिला है, जहां वोटिंग के जरिए शराब के ठेकों को बंद कराने का रास्ता खुद ग्रामीणों ने ही निकाला है.  (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रदेश में राजसमंद पहला जिला है, जहां वोटिंग के जरिए शराब के ठेकों को बंद कराने का रास्ता खुद ग्रामीणों ने ही निकाला है. (प्रतीकात्मक फोटो)

Voting against Liquor: राजसमंद जिले के थनेटा पंचायत में विधानसभा उपचुनाव से पहले शराब के ठेके खिलाफ गांव वालों ने किया मतदान. वोट के जरिए शराब का ठेका बंद कराने का ग्रामीणों ने लिया था निर्णय.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान में भले ही 17 अप्रैल को सहाड़ा, राजसमंद और सुजानगढ़ में उपचुनाव है, लेकिन राजसमंद जिले की एक ग्राम पंचायत थानेटा में उपचुनाव से पहले ही मतदान हो गया. जी हां, मतदान हो गया, लेकिन यह वोटिंग थोड़ी अलग थी. इस मतदान में लोकसभा-विधानसभा के चुनाव से कहीं ज्यादा लोगों में उत्साह नजर आया. महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर 95.62 प्रतिशत ऐतिहासिक मतदान किया और अपनी ताकत के बल पर शराबबंदी की जंग जीत ली.

हुआ यूं कि राजसमंद जिले के थानेटा ग्राम में शराब का ठेका खुलने के बाद से ही इसका विरोध जारी है. खासकर महिलाओं ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया, लेकिन ठेका बंद नहीं हुआ. तब गांव के लोगों की चौपाल पर निर्णय हुआ है कि ठेके के खिलाफ मतदान किया जाए. नियमानुसार कुल वोटों के 51 फीसदी यदि ठेका खोलने के विरोध में पड़ते हैं तो ठेका बंद किया जा सकता है.

नेताओं ने नहीं किया गया तो ग्रामीणों ने निकाली राह

आगे पढ़ें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज