सीएम गहलोत का ऐलान, असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को राजस्थान सरकार देगी सामाजिक सुरक्षा
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सीएम गहलोत का ऐलान, असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को राजस्थान सरकार देगी सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने श्रम व कौशल नियोजन की समीक्षा बैठक में किया फैसला (फाइल तस्वीर)

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के इस दौर में रोजगार का बड़ा संकट पैदा हुआ है. ऐसे में युवाओं एवं श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए उनका कौशल विकास किया जाना जरूरी है. उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप वृहद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर के ट्रेंड किया जाए.

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जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही एक बोर्ड के गठन का ऐलान किया है. बताया जा रहा है कि सीएम गहलोत ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए ‘स्टेट सोशल सिक्योरिटी बोर्ड फॉर अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स' (State Social Security Board for Unorganized Workers)
का गठन जल्द करने के निर्देश दिए हैं. यह बोर्ड इन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की रूपरेखा तैयार करेगा. आज सीएम अशोक गहलोत ने श्रम तथा कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कई फैसले किए.

वंचित निर्माण श्रमिकों के पंजीयन के लिए अभियान
मुख्यमंत्री ने वंचित पात्र निर्माण श्रमिकों के भवन व अन्य संन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीयन करने के लिए प्रदेश भर में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. ताकि हर पात्र श्रमिक को बोर्ड के माध्यम से संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके. उन्होंने निर्देश दिए कि श्रम विभाग के अधिकारी चौखटी तथा निर्माण स्थलों पर जाकर वंचित श्रमिकों को पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करें.
उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास
कौशल, नियोजन व उद्यमिता विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना जरूरी है. इसके लिए वृहद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं. उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास के लिए वर्तमान में कई तरह की योजनाएं चल रही हैं. इन योजनाओं को एकीकृत एवं सरल बनाया जाए ताकि युवाओं को इनका लाभ लेने में आसानी हो.



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जिला रोजगार अधिकारी अब जिला रोजगार एवं कौशल विकास अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में रोजगार का बड़ा संकट पैदा हुआ है. ऐसे में युवाओं एवं श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए उनका कौशल विकास किया जाना जरूरी है. उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए तैयार किए गए राजकौशल पोर्टल का जिला कलेक्टर बेहतर उपयोग सुनिश्चित करवाएं. उन्होंने कहा कि रोजगार एवं कौशल विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, ऐसे में जिला रोजगार अधिकारी का पदनाम अब जिला रोजगार एवं कौशल विकास अधिकारी किया जाए.
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