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आपके लिये इसका मतलब: न्यू ईयर पर नहीं चला पायेंगे पटाखे, आप भी सावधानी बरतें

आतिशबाजी से होने वाला प्रदूषण कोरोना पीड़ितों पर काफी नकारात्मक असर डालता है. इससे कोरोना मरीजों की दिक्कतें और भी बढ़ सकती हैं.
आतिशबाजी से होने वाला प्रदूषण कोरोना पीड़ितों पर काफी नकारात्मक असर डालता है. इससे कोरोना मरीजों की दिक्कतें और भी बढ़ सकती हैं.

राजस्थान सरकार ने नये साल के जश्न पर आतिशबाजी (Fireworks) करने पर रोक लगा दी है. सरकार का यह कदम बेहद अहम (Important) है. सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर आम आदमी से जुड़ा हुआ है. इसकी पालना आपके और दूसरों के जीवन की रक्षा में अहम भूमिका अदा कर सकती है.

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जयपुर. कोरोना महामारी (COVID-19) के दौर में अशोक गहलोत सरकार ने एक बार फिर दिवाली की तरह ही न्यू ईयर के जश्न के दौरान आतिशबाजी (Fireworks) करने पर रोक लगा दी है. सीएम गहलोत के इस फैसले के कई मायने हैं. कोरोना काल में यह निर्णय कोरोना पीड़ितों को राहत देने वाला है. आतिशबाजी से वायु प्रदूषण (Air pollution) होता है और कोरोना पीड़ितों के लिये यह काफी तकलीफदेह होता है. सुप्रीम कोर्ट की कोरोना की गाइडलाइन के मद्देनजर सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान इसकी पूरी पालना करेगा.

क्यों लिया गया है यह फैसला
कोरोना काल में आतिशबाजी से होने वाला प्रदूषण कोरोना पीड़ितों पर काफी नकारात्मक असर डालता है. इससे कोरोना मरीजों की दिक्कतें और भी बढ़ सकती हैं. सीएम ने अपने ट्वीट में कहा कि ''प्रदेशवासी नए वर्ष का जश्न अपने घर में परिवार के साथ मनाएं. भीड़भाड़ से बचें और आतिशबाजी न करें. यह स्वयं के एवं दूसरों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट के कोरोना को लेकर सभी राज्यों के लिए जो निर्देश आए हैं राजस्थान उनकी कड़ाई से पालना करेगा". यह पहली बार नहीं है जब सीएम अशोक गहलोत ने इस तरह के कार्य में पहल की है. इससे पहले दीवाली पर भी वे इस तरह का अहम कदम उठा चुके हैं.

राजस्थान में अब न्यू ईयर पर भी नहीं कर पाएंगे आतिशबाजी, गहलोत सरकार ने लगाई रोक



आपके लिये क्यों जरुरी है इसकी पालना
सु्प्रीम कोर्ट की गाइड लाइन और राज्य सरकार के इस फैसले का आपको भी स्वागत करना चाहिये. क्योंकि कोरोना महामारी किसी स्थान विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के कोने-कोने तक अपने पांव पसारे हुये है. गांव-गांव, शहर-शहर और गली-गली तक इसका संक्रमण फैला हुआ है. आतिशबाजी का धुंआ और इससे प्रदूषित होने वाला वातावरण कोरोना पीड़ितों को बेजा नुकसान पहुंचाता है. जिस परिवार में कोरोना पीड़ित नहीं है हो सकता है उसका आतिशबाजी करने का मन करता हो, लेकिन जिसके घर में कोई पीड़ित है उसके लिये यह जानलेवा हो सकता है. यह पीड़ित आपके गांव में हो सकता है. आपके मोहल्ले में हो सकता है. वह आपका पड़ोसी भी हो सकता है. लिहाजा इसकी पालना करें और खुद के साथ दूसरों के भी स्वास्थ्य का ख्याल रखें.

आप खुद सतर्क रहिये और दूसरों को चेतायें
कोरोना काल आतिशबाजी को लेकर जारी सरकार और कोर्ट की गाइडलाइन के प्रति आप खुद भी सतर्क रहिये और दूसरों पर भी नजर रखिये. आपकी सकर्तता न केवल आपके जीवन को बचायेगी, बल्कि दूसरों के जीवन की भी रक्षा करेगी. नये साल के जश्न में शामिल होइये, लेकिन सावधानी के साथ. ना आप खुद आतिशबाजी करें और ना दूसरों को करने दें. इसके लिये दूसरों को टोकना भी पड़े टोकिये, क्योंकि गाइडलाइन की पालना करवाने की जिम्मेदारी अकेली सरकार की ही नहीं है आपका भी कर्तव्य है. उसे सही मायनों में निभाइये. इस तरह की महामारी का मुकाबला अकेले नहीं समन्वित प्रयासों से होता है.
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