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12 बरसों से बिछड़े भाई जब आपस में मिले तो आंखें हुईं नम, लॉस्ट फाउंड पर्सन अभियान के प्रयास लाए रंग

Mahendra Singh | News18 Rajasthan
Updated: October 21, 2019, 4:03 PM IST
12 बरसों से बिछड़े भाई जब आपस में मिले तो आंखें हुईं नम, लॉस्ट फाउंड पर्सन अभियान के प्रयास लाए रंग
अफजाल का भाई और भतीजा अपने एक दुभाषिए मित्र के साथ अपना घर आश्रम पहुंचे. यहां अफजाल के भाई (चैक की शर्ट) ने 12 साल बाद भाई को देखकर उसे बाहों में भर लिया. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

लापता व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए प्रयासरत लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान (Lost Found Person Campaign) की सफलताओं में एक और नया अध्याय (New chapter) और जुड़ गया है. संस्था ने करीब 12 बरसों पहले अपने परिवार से बिछड़े एक व्यक्ति को उसके परिजनों से मिला दिया है.

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जयपुर. लापता व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए प्रयासरत लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान (Lost Found Person Campaign) की सफलताओं में एक और नया अध्याय (New chapter) और जुड़ गया है. संस्था ने करीब 12 बरसों पहले अपने परिवार से बिछड़े एक व्यक्ति को उसके परिजनों से मिला दिया है. संस्था के बस्सी (Bassi) स्थित 'अपना घर आश्रम' (Apna ghar ashram) में जब यह व्यक्ति 12 वर्ष बाद अपने भाई से मिला तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम (Eyes moist) हो गईं.

12 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ा था अफजाल
पश्चिमी बंगाल के दमकल गांव निवासी अफजाल मानसिक रूप के कमजोर होने के कारण करीब 12 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गया था. इन 12 बरसों में अफजाल इधर-उधर भटकता रहा और सड़कों पर लावारिस की तरह जीवन जीता रहा. दूसरी तरफ उसका परिवार उसे तलाश करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई. अंत में परिवार ने तो अफजाल के मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था.

अपना घर ने देखभाल कर किया स्वस्थ

मार्च, 2019 में दौसा शहर में सड़कों पर लावारिस हालत में घूम रहे अफजाल को कुछ समाजसेवियों ने बस्सी स्थित अपना घर आश्रम में भिजवा दिया. वहां इसकी देखभाल और पूरा इलाज किया गया, जिससे वह स्वस्थ हो गया. अपना घर के कर्मचारियों ने उसकी कांउसलिंग की तो उसने अपनी कहानी बताई. इस पर अपना घर ने अफजाल के परिजनों से संपर्क उन्हें उसके बारे में जानकारी दी.

12 साल बाद भाई मिला तो भाई की आंखें भर आईं
रविवार को अफजाल का भाई और भतीजा अपने एक दुभाषिए मित्र (हिन्दी और बंगाली भाषा समझने वाला) के साथ अपना घर आश्रम पहुंचे. यहां अफजाल के भाई ने 12 साल बाद भाई को देखकर उसे बाहों में भर लिया. बाद में वे सभी को दुआएं देते हुए अपना घर आश्रम से अफजाल को अपने साथ लेकर गए.
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First published: October 21, 2019, 4:01 PM IST
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