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राजस्थानः 70 साल में पहली बार हुआ करिश्मा, झुमरी बनी प्यारे से बच्चे की मां

अभी भालू के बच्चे की जिस्म पर बाल नहीं हैं. झुमरी उसे अपने जिस्म से गर्मी दे रही है
अभी भालू के बच्चे की जिस्म पर बाल नहीं हैं. झुमरी उसे अपने जिस्म से गर्मी दे रही है

राजस्थान में पहली बार किसी चिड़ियाघर में मादा भालू ने बच्चे को जन्म (Bear breeding) दिया है. इससे वन विभाग में खुशी का माहौल है. भालू के एनक्लोजर में केयरटेकर द्वारा उसकी खास निगरानी (Special surveillance) की जा रही है. पर्यटकों का प्रवेश इस इलाके में रोक दिया गया है.

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जयपुर. गुलाबी नगरी जयपुर (Jaipur) में कई दशकों की नाकाम कोशिशों के बाद पहली बार भालू के प्रजनन (Bear breeding) में कामयाबी मिल गयी है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क कि मादा भालू झुमरी ने यह खुशखबरी (Good News) दी है. झुमरी के एक बच्चा हुआ है. फिलहाल नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क प्रशासन मादा भालू झुमरी और उसके बच्चे को सुरक्षा देने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. भालू के एनक्लोजर में केयरटेकर द्वारा उसकी खास निगरानी की जा रही है. पर्यटकों का प्रवेश इस इलाके में रोक दिया गया है. कुछ एक्स्ट्रा कैमरे भी लगाए जाने की भी तैयारी की जा रही है.

राजस्थान में पहली बार किसी चिड़ियाघर में मादा भालू ने बच्चों को जन्म दिया है. ऐसे में ये उपलब्धि बहुत ज्यादा मायने रखती है. जयपुर की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब यहां किसी मादा भालू ने बच्चे को जन्म दिया है. जयपुर राजघराने ने कई बार भालू के प्रजनन की कोशिश कराई थी. ब्रिटिश हुकूमत के दौरान भी इसके काफी प्रयास किए गए, लेकिन कभी सफलता नहीं मिली. वन विभाग के गठन के बाद से जयपुर में लगातार ये कोशिशें की जा रही थी. लेकिन 70 साल में हर बार नाकामी हाथ लगी. उसके बाद 2015 में बिलासपुर से भालू की 2 जोड़ियां लाई गयी थी. उनमें से झुमरी और शंभू ही जिंदा बचे थे.

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पिछले साल भी गर्भवती हुई थी झुमरी


झुमरी पिछले साल भी गर्भवती हुई थी. लेकिन बच्चा पैदा होने से पहले ही मर गया था. इस साल वैसे तो दिसंबर में बच्चा होना था. लेकिन झुमरी ने वक्त से पहले ही खुशखबरी दे दी. पैदाइश के वक्त भालू के बच्चे का आकार बहुत छोटा होता है और वजन भी महज़ 200 ग्राम के करीब होता है. भालू के बच्चे की रोने की आवाज बिलकुल इंसान के बच्चे के रोने की तरह होती है. ऐसे में जब बीते गुरुवार को झूमरी के बच्चा हुआ तो एक बार केयरटेकर घबरा गए कि ये इंसान के बच्चे की रोने आवाज कहां से आई. लेकिन जब बाद में देखा कि झूमरी ने बच्चे को जन्म दिया है तो इसकी सूचना सुनकर सभी की बांछें खिल गई.

झुमरी बच्चे को 2 महीने तक दुनिया की नजर से दूर ही रखेगी
अभी भालू के बच्चे की जिस्म पर बाल नहीं हैं. झुमरी उसे अपने जिस्म से गर्मी दे रही है और किसी को देखने भी नहीं दे रही है. झुमरी को भी लालन-पालन का अनुभव कम है. ऐसे निगरानी बहुत जरूरी है. अभी झुमरी बच्चे को 2 महीने तक दुनिया की नजर से दूर ही रखेगी.
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