Rajasthan News: क्या सितंबर के बाद फिर से होगी सियासी उठापटक! CM के करीबी विधायक के ट्वीट से मचा बवाल

संयम लोढा सिरोही से निर्दलीय विधायक हैं.

संयम लोढा सिरोही से निर्दलीय विधायक हैं.

सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के करीबी माने जाने वाले सिरोही विधायक संयम लोढा (MLA Sanyam Lodha) ने ट्वीट के जरिए न सिर्फ केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है बल्कि प्रदेश की राजनीति में सितंबर के बाद सियासी उठापटक की बात कही है.

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जयपुर. राजस्‍थान में एक बार फिर से सियासी उठापटक के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बार निर्दलीय विधायक संयम लोढा (MLA Sanyam Lodha) ने अपने ट्वीट के जरिए इस तरह के कयासों को हवा दी है. सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट्स के जरिेये चर्चाओं में रहने वाले सिरोही विधायक संयम लोढा ने ट्वीट के जरिए संकेत दिए हैं कि सितम्बर के बाद फिर से उठापटक सामने आ सकती है. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के करीबी माने जाने वाले विधायक ने अपने पोस्ट के जरिेए अमित शाह के साथ ही सचिन पायलट कैंप पर भी निशाना साधा है.

विधायक संयम लोढा ने अपने ट्वीट में लिखा है,' मोटा भाई राजस्थान में रुचि नहीं ले रहे. सितम्बर तक रुकने को कहा है. सर्वोच्च संस्था के जरिए हाथी लटकाने का इरादा है. हालांकि उन्होंने बतौर पेशगी जुलाई 2020 में दी हुई रकम वापस नहीं ली है, लेकिन लेने वालों की पाचन क्रिया गड़बड़ाई है. खजाना लुट चुका फिर भी चौकीदारी है.'

ये निकाले जा रहे मायने

विधायक संयम लोढा अक्सर इस तरह के ट्वीट्स के जरिए इशारों में अपनी बात कहते हैं. हालांकि इस बार भी उन्होंने साफ तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनके इस ट्वीट के स्पष्ट राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. इन मायनों के मुताबिक, केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की अभी राजस्थान में सियासी उठापटक में दिलचस्पी नहीं है और उन्होंने अपने सिपहसालारों को सितम्बर तक का इंतजार करने के लिए कहा है. यानी सितम्बर के बाद राजस्थान में सियासी उठापटक की जा सकती है. संयम लोढा के ट्वीट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट से बसपा विधायकों की सदस्यता रद्द करवाई जा सकती है.
गौरतलब है कि 6 बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है. उधर पिछली बार हुई सियासी उठापटक के दौरान विधायकों को 35-35 करोड़ रुपए में खरीदने के आरोप लगे थे. संयम लोढा के ट्वीट के मुताबिक, यह रकम अभी वापस नहीं ली गई है और जिन लोगों ने रकम ली थी वो फिर से सियासी उठापटक का प्रयास कर सकते हैं.
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