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हार के विश्लेषण के बाद ही अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर फैसला!
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News18Hindi
Updated: June 6, 2019, 9:23 PM IST
हार के विश्लेषण के बाद ही अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर फैसला!
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रचार करते हुए

राजस्‍थान में पार्टी की करारी हार और फिर लगातार हो रही बयानबाजी के बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के डिप्टी सीएम सचिन पायलट से रिपोर्ट तलब की है.

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लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर घमासान मचा हुआ है. कुछ महीने पहले ही राजस्थान के सीएम बने अशोक गहलोत का हाल तो और बुरा है. यहां पर पार्टी की हार को लेकर नेताओं ने खुलकर उनके विरोध में मोर्चा खोल दिया है. राज्य में पार्टी की करारी हार और फिर लगातार हो रही बयानबाजी के बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के डिप्टी सीएम सचिन पायलट से रिपोर्ट तलब की है. कांग्रेस आलाकमान ने पीसीसी चीफ (प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्‍यक्ष) को इस बाबत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 11 जून तक का समय दिया है.

बता दें कि राजस्‍थान की 25 लोकसभा सीटों पर इस बार भी पार्टी की करारी हार हुई थी. पिछले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला था. इस बार राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि साल 2014 की तुलना में इस बार तो स्थिति अच्छी ही रहेगी, लेकिन इस बार भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया.

सभी 25 सीटों पर कांग्रेस का सूपड़ा साफ
राजस्थान में लोकसभा की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस की बुरी हार हुई थी. इस हार के बाद प्रदेश के कई नेताओं ने खुलकर सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग की थी. टोडाभीम के विधायक पीआर मीणा ने तो खुलकर अशोक गहलोत पर निशाना साधा था, जिसके बाद पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीणा को दिल्ली तलब किया है.



राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट मीडिया से बात करते हुए


इधर, पार्टी के अंदर हो रहे उठापठक के बाद राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने भी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि लोकसभा में पराजय के लिए सभी जिम्मेदार हैं. हालांकि, अशोक गहलोत अप्रत्यक्ष तौर पर सचिन पायलट को भी हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे थे और कहा था कि सचिन पायलट ने जोधपुर में जीत की जमानत दी थी. ऐसे में  उन्हें जोधपुर सीट की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. बता दें कि जोधपुर की सीट पर गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत पार्टी प्रत्याशी थे, जिनको गजेंद्र सिंह शेखावत ने हराया था.

टोडाभीम के विधायक पीआर मीणा ने लोकसभा चुनाव पर बयान देकर पार्टी में खलबली मचा दी थी. मीणा ने सीधे सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए सीएम अशोक गहलोत जिम्मेदार हैं. मीणा ने कहा कि पीसीसी चीफ सचिन पायलट को सीएम बनाना चाहिए था. पायलट को सीएम बनाते तो हार नहीं होती.

प्रदेश कांग्रेस की रिपोर्ट के बाद ही नेताओं पर गिरेगी गाज?
कांग्रेस ने अब लोकसभा चुनावों के नतीजों का बूथवार विश्लेषण करने के लिए प्रदेश कांग्रेस से रिपोर्ट मांग ली है. कांग्रेस आलाकमान ने कहा है कि बूथवार पार्टी को कितने वोट मिले, किसने भितरघात किया यह सब ब्यौरा पीसीसी को भेजा जाए. बूथवार रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस हार के कारणों का विश्लेषण करेगी और फिर पार्टी नेताओं पर कार्रवाई भी शुरू कर सकती है. ऐसा में माना जा रहा है कि सचिन पायलट की सीएम पद की दावेदारी इस रिपोर्ट के बाद और मजबूत हो सकती है. पार्टी नेताओं का मानना है कि राज्य का सीएम ही ड्राइवर सीट पर होता है और अगर जीत का श्रेय सीएम को मिलता है तो हार का भी सेहरा सीएम पर ही जाना चाहिए.

वहीं, सचिन पायलट ने लोकसभा चुनावों की हार की बारीकी से विश्लेषण शुरू कर दिया है. राज्य के सीएम अशोक गहलोत भी चुनाव परिणामों के विश्लेषण की बात कह चुके हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि हार के विश्लेषण के बाद ही कांग्रेस आलाकमान राज्य नेतृत्व पर कोई फैसला ले.

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First published: June 6, 2019, 9:04 PM IST
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