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पुरुषों वाले पेशे में महिला: वर्चस्व की लड़ाई में दो महिलाओं ने शराब ठेके के लिए लगाई 510 करोड़ रुपए की बोली

राजस्थान का एक गांव चर्चा में है, क्योंकि वहां पर शराब के ठेके पर 5 अरब रुपए से ज्यादा की बोली लगी है. (सांकेतिक फोटो)

राजस्थान का एक गांव चर्चा में है, क्योंकि वहां पर शराब के ठेके पर 5 अरब रुपए से ज्यादा की बोली लगी है. (सांकेतिक फोटो)

Woman's Day Special: राजस्थान में आपसी प्रतिद्वंदिता के चलते दो महिलाओं ने शराब की दुकान के लिए 5 अरब 10 करोड़ रुपए की बोली लगा दी. ये बोली दुकान की बेस प्राइस 72 लाख रुपए से 708 ​​गुना अधिक है. वहीं दोनों महिलाएं किरण कंवर और प्रियंका कंवर एक ही परिवार की बताई जा रही हैं.

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जयपुर. कल आठ मार्च यानि महिला दिवस है. आज हम आपको दो महिलाओं की कहानी सुनाते हैं. यह कहानी पॉजिटिव तो नहीे है, लेकिन हैरान करने वाली जरूर है और समाज में हो रहे बदलाव को भी दिखाती है. आमतौर पर शराब के पेशे को पुरुषों के वर्चस्व वाला माना जाता है, लेकिन हनुमानगढ़ की दो महिलाओं ने उन्हें चुनौती दे डाली. इतना ही नहीं उन्होंने राजस्थान में ऐसा रिकार्ड बना डाला, जिसकी मिसाल देश मेंं मिलना भी मुश्किल है.

हम बात कर रहे हैं हनुमानगढ़ जिले की दो महिलाओं किरण कंवर और प्रियंका कंवर की. दोनों महिलाएं एक ही परिवार की बताई जाती हैं. हुआ यूंं कि कोरोनाकाल में इस बार शराब की दुकानों की ई-नीलामी आबकारी विभाग द्वारा करवाई गई. ई-आक्शन के तीसरे दिन नीलामी के सारे रिकार्ड टूटते चले गए. शराब की एक दुकान के लिए दोनों महिलाओं के बीच ऐसा मुकाबला चला कि आबकारी विभाग के अधिकारी भी हैरानी में पड़ गए. हनुमानगढ़ जिले के नोहर तहसील में शराब की एक दुकान की बेस प्राइस 72.70 लाख रुपए थी. पिछले साल इस दुकान की बोली 65 लाख रुपए लगी थी.

इस बार ई-ऑक्शन सुबह 11 बजे शुरू हुई तो 15 घंटे तक चली. शराब की दुकान की बोली लगाने वाली दोनों महिलाएं किरण कंवर और प्रियंका कंवर थीं. पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता के चलते बोली बढ़ते-बढ़ते 510 करोड़ पर पहुंच गई. यानी बेस प्राइस से 708 ​​गुना अधिक. रात दो बजे आखिरी बोली किरण कंवर के नाम छूटी। अचरज में पड़े आबकारी अधिकारियों ने किरण के नाम अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया.



कोई और दुकान न ले जाए, इसलिए लगाई इतनी बोली
शराब की दुकान की बोली महिलाओं द्वारा इतनी अधिक लगाने के पीछे अपने-अपने तर्क दिए जा रहे हैं। कुछ का कहना है कि पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता के कारण बोली बेस प्राइस से 708 गुना तक पहुंची तो कुछ का कहना है कि शराब कारोबारी आनलाइन बिडिंग का विरोध कर रहे हैं। आनलाइन सिस्टम को फेल करने की नीयत से ऐसा किया गया है। क्योंकि कुछ और नीलामी भी ऐसी हैं, जो पिछले सात पांच लाख तक में छूटी, इस बार आनलाइन नीलामी 10-12 करोड़ तक पहुंच गईं.

अब आगे क्या होगा 

नीलामी प्रक्रिया के नियमानुसार, ऑक्शन की दो फीसदी धनराशि हाइऐस्ट बिडर को तीन दिन में जमा करानी होती है. अगर 510 करोड़ रुपए के हिसाब से ये 10 करोड़ रुपए होगी. जो तीन दिन के अंदर जमा करानी होगी. अगर बिडर इसमें फेेल होता है तो उसकी धरोहर राशि आबकारी विभाग द्वारा जब्त कर ली जाएगी. इसके बाद सरकार को उस दुुकान की फिर से नीलामी करानी होती है. अधिकारियों के मुताबिक 510 करोड़ की बोली लगाने वाली महिला को डिमांड नोटिस भेजा गया है, यदि वह धनराशि जमा करा देती है तो यह प्रदेश की सबसे महंगी मधुशाला होगी.
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